Aditya Birla Capital: ब्रोकरेज का बड़ा दांव! शेयर में **18%** उछाल की उम्मीद, टारगेट ₹415

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AuthorMehul Desai|Published at:
Aditya Birla Capital: ब्रोकरेज का बड़ा दांव! शेयर में **18%** उछाल की उम्मीद, टारगेट ₹415
Overview

Aditya Birla Capital (ABCL) के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म Macquarie का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने स्टॉक को 'Outperform' रेटिंग दी है और **₹415** का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो मौजूदा स्तरों से **18%** की तेजी का संकेत देता है। इस बुलिश आउटलुक की मुख्य वजह कंपनी के Q4 FY26 के दमदार नतीजे हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट **31%** बढ़कर **₹1,129 करोड़** रहा और रेवेन्यू में **10%** की ग्रोथ दर्ज की गई। साथ ही, लेंडिंग पोर्टफोलियो में **32%** का विस्तार हुआ, जो **₹2.07 लाख करोड़** तक पहुंच गया, और क्रेडिट कॉस्ट्स पिछले पांच सालों के निचले स्तर पर आ गईं।

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विश्लेषकों ने मजबूत नतीजों के बाद आउटलुक को बेहतर बनाया

Aditya Birla Capital के हालिया तिमाही नतीजों ने विश्लेषकों की दिलचस्पी फिर से जगा दी है। कंपनी की पोर्टफोलियो ग्रोथ को बढ़ाने की क्षमता और क्रेडिट क्वालिटी को मैनेज करने के तरीके ने एक पॉजिटिव आउटलुक तैयार किया है, जिसके चलते Macquarie ने 'Outperform' रेटिंग की पुष्टि की है और ₹415 का टारगेट प्राइस तय किया है।

Macquarie का टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन

Macquarie का यह समर्थन ABCL के स्ट्रेटेजिक एग्जीक्यूशन में विश्वास दिखाता है, और वे मौजूदा ट्रेडिंग स्तरों से 18% का संभावित रिटर्न देख रहे हैं। 6 मई 2026 तक, ABCL का शेयर लगभग ₹360-₹366 के आसपास ट्रेड कर रहा था। यह टारगेट प्राइस कंपनी के हालिया अर्निंग्स मोमेंटम को भुनाने और मजबूत परफॉरमेंस की उम्मीदों को दर्शाता है। ब्रोकरेज ने लगातार कमाई, बेहतर एसेट क्वालिटी और मजबूत लोन ग्रोथ को अपने पॉजिटिव आउटलुक के मुख्य कारक बताया है। शेयर अपने 52-हफ्ते के हाई ₹369.30 के करीब अच्छी मजबूती दिखा रहा है।

ग्रोथ ड्राइवर्स और मार्जिन का भविष्य

Aditya Birla Capital के Q4 FY26 नतीजों में एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में शानदार ग्रोथ देखी गई। कंपनी के NBFC और हाउसिंग फाइनेंस (HFC) आर्म्स वाले लेंडिंग पोर्टफोलियो में सालाना 32% का इजाफा हुआ, जो ₹2.07 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इस ग्रोथ में पर्सनल लोन (+38% YoY), अनसिक्योर्ड बिज़नेस लोन (+47% YoY) और हाउसिंग फाइनेंस डिस्पर्समेंट (+37% YoY) जैसे सेगमेंट का बड़ा योगदान रहा।

साथ ही, एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ, जिसमें क्रेडिट कॉस्ट्स पिछले पांच सालों के सबसे निचले स्तर 1.0% पर आ गईं। प्रतिस्पर्धी दबाव और मार्क-टू-मार्केट लॉसेस के चलते नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन Macquarie को रिकवरी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले कुछ तिमाहियों में 25-30 बेसिस पॉइंट का सुधार होगा और FY27 के अंत तक रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 2.5% तक पहुंच सकता है। इंश्योरेंस आर्म ने भी वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) मार्जिन में विस्तार के साथ पॉजिटिव योगदान दिया।

वैल्यूएशन की बात करें तो, ABCL का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 25.9x-27.71x है। यह इसके 10-साल के मीडियन से थोड़ा ऊपर है, लेकिन कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह Bajaj Finance (P/E 31.5-33.0x) और डायवर्सिफाइड फाइनेंशियल्स के इंडस्ट्री एवरेज (23.3x के करीब) की तुलना में उचित है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹90,000-₹96,000 करोड़ है। NBFC सेक्टर फेवरेबल मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल का फायदा उठा रहा है, जिसमें RBI रेट कट्स की उम्मीद से NIMs में सुधार और लिक्विडिटी बढ़ने की संभावना है, साथ ही क्रेडिट डिमांड भी मजबूत बनी हुई है।

चिंताएं और आम सहमति

हालांकि Macquarie का नजरिया काफी पॉजिटिव है, लेकिन दूसरे विश्लेषकों का रुख थोड़ा सतर्क है। ABCL के लिए कंसेंसस टारगेट प्राइस लगभग ₹401-₹403 के आसपास है, जो Macquarie के 18% की तुलना में 11-11.75% का कम अपसाइड दर्शाता है।

कुछ वैल्यूएशन एनालिसिस बताते हैं कि ABCL का P/E रेश्यो ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर है, जिससे इसकी मौजूदा वैल्यूएशन पर सवाल उठते हैं। कंपनी की तेज ग्रोथ, खासकर पर्सनल और बिज़नेस लोन जैसे अनसिक्योर्ड सेगमेंट में, वर्तमान परफॉरमेंस का मुख्य कारण है, लेकिन इसमें जोखिम भी हैं। ये सेगमेंट आर्थिक मंदी के प्रति अधिक संवेदनशील हैं और बरोअर ओवर-लिवरेजिंग का शिकार हो सकते हैं, जिससे क्रेडिट कॉस्ट्स और डिफ़ॉल्ट्स बढ़ सकते हैं। ICRA का अनुमान है कि FY2026 में NBFC रिटेल सेगमेंट में ऐसा ट्रेंड दिख सकता है। बढ़े हुए ऑपरेटिंग एक्सपेंसेस, जो रेवेन्यू ग्रोथ के बावजूद लागत-से-आय (cost-to-income) रेश्यो 35% (अनुमानित 33% की तुलना में) दिखाते हैं, एफिशिएंसी पर दबाव बनाए हुए हैं। मार्जिन रिकवरी की सस्टेनेबिलिटी पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

भविष्य की ग्रोथ को समझना

सपोर्टिव रेगुलेटरी माहौल और भारत में क्रेडिट की लगातार मांग फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर के लिए एक फेवरेबल बैकड्रॉप प्रदान करते हैं। हालांकि, ABCL के आगे के सफर के लिए एसेट क्वालिटी और मार्जिन सस्टेनेबिलिटी की बारीकी से निगरानी करना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि कंपनी सेक्टर की चुनौतियों और ग्रोथ के अवसरों के बीच आगे बढ़ेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.