'विजन 2036': ₹1 ट्रिलियन AUM का बड़ा प्लान
MAS Financial Services ने एक लंबी अवधि की रणनीति, 'विजन 2036', पेश की है, जिसका लक्ष्य अगले दशक में अपने एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को ₹1 ट्रिलियन तक पहुंचाना है। इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी को अगले 10 सालों में 20-25% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ना होगा। कंपनी का मुख्य फोकस स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (SME) यानी छोटे और मध्यम दर्जे के उद्यमों और डाइवर्सिफाइड रिटेल लेंडिंग (खुदरा कर्ज) के कारोबार पर रहेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Motilal Oswal का अनुमान है कि FY25-28 के दौरान कंपनी का PAT CAGR लगभग 21% रह सकता है, और FY28 तक रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) 2.9% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 15.5% तक पहुंच सकता है।
वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स का भरोसा
लगभग ₹6,100 करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली MAS Financial Services का पिछले बारह महीनों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 17x है, जो इंडस्ट्री के औसत 20x P/E से थोड़ा कम है। यह वैल्यूएशन इसे Bajaj Finance (P/E ~32x) और Cholamandalam Investment (P/E ~30x) जैसे बड़े NBFC प्लेयर्स के मुकाबले डिस्काउंट पर रखता है।
एनालिस्ट्स का भरोसा अभी भी बना हुआ है, और उनका अनुमानित प्राइस टारगेट ₹387 से ₹415 के बीच है। यह मौजूदा ट्रेडिंग स्तरों (लगभग ₹335-345) से 13-25% तक का अपसाइड दिखा रहा है। Motilal Oswal ने ₹395 का टारगेट प्राइस दिया है, जो कि दिसंबर 2027 की बुक वैल्यू (BV) के 2 गुना पर आधारित है। पिछले एक साल में स्टॉक ने भी 42-43% की मजबूत तेजी दिखाई है।
एग्जीक्यूशन की राह: ग्रोथ की हकीकत
'विजन 2036' के ₹1 ट्रिलियन AUM के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए, कंपनी को अगले दशक तक लगातार 20-25% की सालाना ग्रोथ बनाए रखनी होगी। यह कंपनी की ऑपरेशनल क्षमता, अंडरराइटिंग स्किल्स और फंड जुटाने की काबिलियत की कड़ी परीक्षा लेगा। कंपनी के "समझदारी से कंपाउंडिंग" और "कड़े जोखिम अनुशासन" के वादे पर दबाव बढ़ सकता है।
हालांकि NBFC सेक्टर में MSME और रिटेल लेंडिंग की वजह से जोरदार ग्रोथ देखी जा रही है (FY26 में अनुमानित 15-17%), MAS Financial एक तेजी से प्रतिस्पर्धी माहौल का सामना कर रही है। बड़े प्लेयर्स और फुर्तीली फिनटेक कंपनियां भी मार्केट शेयर के लिए जोर लगा रही हैं, जिससे मार्जिन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के NBFCs के लिए नए नियम भी कंपनी के लिए कंप्लायंस और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी को प्रभावित कर सकते हैं।
प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल: क्यों है थोड़ी चिंता?
Q3FY26 में नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में लगभग 200% का उछाल चिंता पैदा करता है। अगर यह असाधारण ग्रोथ स्थायी नहीं है और किसी एक बार के फायदे (one-off gains) या अकाउंटिंग एडजस्टमेंट का नतीजा है, तो यह भविष्य की कमाई की क्षमता को लेकर गलत तस्वीर पेश कर सकती है।
FY24 में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) 7.4% दर्ज किए गए थे, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और फंडिंग मिक्स में बदलाव भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी को चुनौती दे सकते हैं। NBFC सेक्टर में अनसिक्योर्ड लेंडिंग सेगमेंट में एसेट क्वालिटी को लेकर चिंताएं हैं, जो आर्थिक मंदी के दौरान MAS Financial के रिटेल और SME पोर्टफोलियो को प्रभावित कर सकती हैं।
हालांकि हालिया रिपोर्टों से FY24 के अंत तक 0.6 का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो पता चलता है, कुछ अन्य एनालिसिस 3.5-3.6 के उच्च लीवरेज का संकेत देते हैं। यदि लीवरेज वास्तव में अधिक है, तो तेजी से विस्तार के लिए उधार लिए गए धन पर निर्भरता फंडिंग की लागत और उपलब्धता के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाती है।
आगे का रास्ता और आम राय
इन चुनौतियों के बावजूद, एनालिस्ट कंसेंसस ज्यादातर "Buy" या "Strong Buy" की ओर झुका हुआ है, और प्राइस टारगेट आगे भी आशावाद दिखा रहे हैं। हालांकि, MAS Financial के 2036 तक ₹1 ट्रिलियन AUM के लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता महत्वपूर्ण एग्जीक्यूशन जोखिमों से भरा है।
लगातार आक्रामक ग्रोथ के लिए सिर्फ रणनीतिक योजना से ज्यादा, शानदार ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन, कठोर जोखिम प्रबंधन और एक डायनामिक मार्केट में अनुकूलन क्षमता की आवश्यकता होगी। निवेशकों को हालिया प्रॉफिट उछाल की स्थिरता और कंपनी की क्षमता का सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए कि वह प्रतिस्पर्धी और नियामक दबावों से निपटते हुए अपने व्यवसाय को समझदारी से कैसे बढ़ाती है।
