MAS Financial Services ने सितंबर **2026** तिमाही के लिए मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **22%** बढ़कर **₹110 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे लोन बुक में **31%** की जोरदार बढ़ोतरी का समर्थन मिला है।
अहमदाबाद स्थित MAS Financial Services ने सितंबर में खत्म हुई तिमाही के लिए ₹110 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹90 करोड़ था। कंपनी की आय में इजाफे का मुख्य श्रेय नेट इंटरेस्ट इनकम को जाता है, जो 44.5% उछलकर ₹237 करोड़ पर रही। इसके अलावा, फाइनेंशियल एसेट्स के असाइनमेंट से मिली कमाई भी 17% बढ़कर ₹62 करोड़ पहुंच गई है।
लोन बुक की मजबूती
कंपनी का बिजनेस लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। सितंबर 2026 के अंत तक लोन बुक 31% बढ़कर ₹12,156 करोड़ हो गई है। कंपनी की ग्रोथ में माइक्रो-एंटरप्राइज, SME, टू-व्हीलर और पर्सनल लोन जैसे सेक्टर्स की अहम भूमिका रही। कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 23% बढ़कर ₹16,011 करोड़ दर्ज किया गया।
क्या बढ़ते खर्चे चिंता का विषय हैं?
लोन पोर्टफोलियो का विस्तार तो शानदार है, लेकिन कंपनी के खर्चों पर गौर करना जरूरी है। इस तिमाही में फीस और कमीशन से होने वाली आय 33% गिरकर ₹18 करोड़ रही, जबकि कमीशन खर्च 50% बढ़कर ₹46.5 करोड़ हो गए हैं। अगर यह अंतर भविष्य में भी बरकरार रहता है, तो यह मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
को-लेंडिंग का दांव
कंपनी अपने विस्तार के लिए को-लेंडिंग स्ट्रेटेजी पर काफी भरोसा कर रही है। सितंबर के अंत तक कंपनी के पास 7 एक्टिव को-लेंडिंग एग्रीमेंट्स थे, जिनके जरिए ₹2,437 करोड़ का लोन आउटस्टैंडिंग रहा। यह रणनीति कंपनी को अपनी बैलेंस शीट पर फंड का पूरा बोझ लिए बिना एसेट्स बढ़ाने में मदद कर रही है। निवेशकों के लिए अब कंपनी द्वारा बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों को मैनेज करने की क्षमता देखना सबसे महत्वपूर्ण होगा।
