AUM ग्रोथ में शानदार तेजी
MAS Financial Services ने अपने प्रमुख लेंडिंग सेगमेंट में दमदार परफॉर्मेंस दिखाई है। कंपनी का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) साल-दर-साल 18.7% और तिमाही-दर-तिमाही 4.2% बढ़ा है।
खास सेगमेंट में देखें तो, सैलरीड पर्सनल लोन (SPL) 6.6% बढ़कर ₹12.6 बिलियन तक पहुंच गया। वहीं, SME लोन 5.8% की ग्रोथ के साथ ₹52.1 बिलियन और 2-व्हीलर लोन 4.0% बढ़कर ₹57.4 बिलियन दर्ज किए गए।
मुनाफे पर प्रोविजनिंग का असर
इन सबके बीच, एनालिस्ट्स का मानना है कि बढ़ी हुई प्रोविजनिंग (higher provisions) के चलते FY27 के लिए कंपनी के अनुमानित प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 3.2% की कटौती की गई है। Choice Institutional Equities जैसे ब्रोकरेज फर्मों ने इस वजह से PAT फोरकास्ट को एडजस्ट किया है।
वैल्यूएशन और टारगेट प्राइस
MAS Financial Services वर्तमान में अपने FY27 अनुमानित बुक वैल्यू (ABV) के 1.9 गुना और FY28 ABV के 1.7 गुना पर ट्रेड कर रहा है। Choice Institutional Equities ने FY28E ABV के 2.0 गुना का टारगेट वैल्यूएशन तय किया है, जो मौजूदा शेयर भाव से 20% के संभावित उछाल (upside) का संकेत देता है।
साथ ही, यह भी देखा गया कि Bajaj Finance जैसे प्रतिस्पर्धी 4.5 गुना P/ABV से ऊपर और Cholamandalam Investment लगभग 3.0 गुना P/ABV पर ट्रेड करते हैं। इन तुलनाओं में MAS Financial Services का वैल्यूएशन अभी भी कंजरवेटिव लगता है।
एनालिस्ट्स की राय और जोखिम
ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities ने MAS Financial Services पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है। उनका मानना है कि कंपनी की NIM (नेट इंटरेस्ट मार्जिन) में FY27-FY28 तक सुधार की उम्मीद है।
हालांकि, कुछ जोखिम भी हैं। एसेट क्वालिटी (asset quality) पर नजर रखनी होगी, खासकर 2-व्हीलर और SME सेगमेंट में। अगर आर्थिक स्थितियां कमजोर होती हैं, तो NPA (Non-Performing Assets) बढ़ सकते हैं, जिससे और अधिक प्रोविजनिंग की जरूरत पड़ सकती है। इसके अलावा, NIM एक्सपेंशन की स्थिरता और फंडिंग कॉस्ट में उतार-चढ़ाव भी मुनाफा प्रभावित कर सकते हैं।
इन तमाम फैक्टर्स के बावजूद, ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म 'BUY' या 'HOLD' की सलाह दे रहे हैं, जिनके प्राइस टारगेट ₹380 से ₹420 के बीच हैं। मैनेजमेंट से उम्मीद है कि वे एसेट क्वालिटी सुधारने और लागत प्रबंधन पर अहम रणनीतियाँ पेश करेंगे, ताकि फाइनेंशियल स्थिरता बनाए रखते हुए ग्रोथ जारी रखी जा सके।
