Fixed Deposits पर कर्ज का क्रेज! आंकड़ा **₹2.04 लाख करोड़** के पार, निवेशकों की बदली रणनीति

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Fixed Deposits पर कर्ज का क्रेज! आंकड़ा **₹2.04 लाख करोड़** के पार, निवेशकों की बदली रणनीति

Fixed Deposits (FD) के बदले लोन लेने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। अगस्त 2026 तक FD के अगेंस्ट लिए गए कर्ज में **43.2%** का जोरदार उछाल आया है और यह आंकड़ा **₹2.04 लाख करोड़** तक पहुंच गया है।

भारतीय बैंकिंग सेक्टर में शॉर्ट-टर्म जरूरतों को पूरा करने के तौर-तरीके पूरी तरह बदल रहे हैं। Reserve Bank of India (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 तक FD के बदले लिए गए लोन में सालाना आधार पर 43.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह रफ्तार कुल बैंक क्रेडिट ग्रोथ (19.1%) से कहीं ज्यादा है, जो कुल ₹223.88 लाख करोड़ तक पहुंच गई है।

निवेशक FD क्यों नहीं तुड़वा रहे?

ज्यादातर निवेशकों के लिए अपनी लॉन्ग-टर्म FD को वक्त से पहले बंद करना घाटे का सौदा साबित होता है। बैंक प्री-मैच्योर विड्रॉल (pre-mature withdrawal) पर पेनाल्टी वसूलते हैं और निवेशक को मिलने वाला ब्याज भी कम हो जाता है। इसके विपरीत, FD पर लोन लेने से निवेशकों को नकद राशि तुरंत मिल जाती है। बैंक इसके लिए FD की ब्याज दर से सिर्फ कुछ फीसदी ज्यादा ही ब्याज लेते हैं, जिससे निवेशक का पैसा सुरक्षित रहता है और उस पर ब्याज भी मिलता रहता है।

बैंकों के लिए 'सुरक्षित' कमाई

बैंकों की नजर में ये लोन 'रिस्क-फ्री' (risk-free) होते हैं। पर्सनल लोन के मुकाबले, जो कि अनसिक्योर्ड होते हैं, FD के बदले लोन पूरी तरह सुरक्षित हैं। अगर ग्राहक लोन नहीं चुका पाता, तो बैंक आसानी से FD से राशि एडजस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा, अगस्त में इंडस्ट्रियल क्रेडिट में भी 18.2% की रिकवरी देखी गई है, जो पिछले साल के 7% के मुकाबले काफी बेहतर है।

लिक्विडिटी के लिए सपोर्ट

सिस्टम में लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए FCNR(B) स्कीम के जरिए USD 132.98 बिलियन से ज्यादा का इनफ्लो आया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक FD की ब्याज दरें आकर्षक बनी रहेंगी, तब तक ग्राहक अपनी जमा पूंजी सुरक्षित रखकर लोन लेने के इस विकल्प को चुनते रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.