Subhash Chandra Debt Case: ₹22,006 करोड़ का कर्ज, सिर्फ ₹6.5 करोड़ का सेटलमेंट! बैंकों ने NCLAT में दी चुनौती

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Subhash Chandra Debt Case: ₹22,006 करोड़ का कर्ज, सिर्फ ₹6.5 करोड़ का सेटलमेंट! बैंकों ने NCLAT में दी चुनौती

Canara Bank, Union Bank और LIC Housing Finance ने Subhash Chandra के पर्सनल इनसॉल्वेंसी प्लान को रोकने के लिए NCLAT का दरवाजा खटखटाया है। इस विवादित प्लान में ₹22,006 करोड़ के भारी-भरकम कर्ज के बदले महज ₹6.5 करोड़ चुकाने का प्रस्ताव है, जिसे लेंडर्स ने धांधली करार दिया है।

यह कानूनी जंग तब तेज हो गई जब NCLT ने Essel Group के चेयरमैन Subhash Chandra के उस पर्सनल इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्लान को मंजूरी दी, जिसमें कुल ₹22,006 करोड़ के दावों को महज ₹6.5 करोड़ (प्रोसेसिंग कॉस्ट सहित) में निपटाने की बात कही गई है। बैंकों के लिए यह रकम डूबने जैसा है, क्योंकि यह उनकी दी गई पर्सनल गारंटी का एक बड़ा हिस्सा है।

विवाद की मुख्य वजह क्या है?

बैंकों का आरोप है कि इस प्लान को पास कराने के लिए वोटिंग प्रक्रिया में हेरफेर किया गया है। लेंडर्स के मुताबिक, Veena Investments, Direct Media Distribution Ventures, World Crest Advisors, Lemonade Capital Advisors और Corpcall Capital Advisors जैसी कंपनियों ने क्रेडिटर कमेटी में प्रॉक्सी बनकर काम किया। इन पांच कंपनियों के पास लगभग 61.78% वोटिंग शेयर थे, जिसने इस प्रस्ताव को पास कराने में मुख्य भूमिका निभाई। बैंकों की दलील है कि इन कंपनियों को IBC (Insolvency and Bankruptcy Code) के तहत 'रिलेटेड पार्टी' मानकर वोटिंग से बाहर रखा जाना चाहिए था।

NCLT का फैसला और आगे की राह

NCLT में इस मामले पर सदस्यों के बीच मतभेद था, जिसके बाद तीसरे सदस्य Nilesh Sharma के निर्णायक वोट से इस प्लान को मंजूरी मिली थी। ट्रिब्यूनल का मानना था कि कर्जदार के पास एसेट्स की कमी है और आगे की कानूनी कार्रवाई से बैंकों को इससे भी कम पैसा मिल सकता है।

अब बाजार की निगाहें 1 सितंबर, 2026 को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। NCLAT का फैसला यह तय करेगा कि क्या यह विवादित सेटलमेंट बरकरार रहेगा या पर्सनल इनसॉल्वेंसी प्रोसेस को फिर से खोलने की जरूरत है। इस कानूनी अनिश्चितता का असर Zee Entertainment Enterprises जैसे संबंधित शेयरों पर भी देखने को मिल रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.