📉 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Laxmi India Finance Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं, जो मजबूत साल-दर-साल (YoY) ग्रोथ दिखा रहे हैं।
मुख्य वित्तीय आंकड़े:
- Q3 FY26 प्रदर्शन: ऑपरेशंस से रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के ₹579.03 करोड़ से बढ़कर ₹719.86 करोड़ हो गया, जो 24.32% की वृद्धि है। कुल आय 29.27% बढ़कर ₹798.24 करोड़ रही। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 63.58% की जोरदार उछाल आई, जो ₹61.51 करोड़ से बढ़कर ₹100.62 करोड़ हो गया। बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹0.43 से बढ़कर ₹1.90 हो गया।
- नौ महीने FY26 प्रदर्शन: ऑपरेशंस से रेवेन्यू 32.24% बढ़कर ₹2107.56 करोड़ पर पहुंच गया। कुल आय 30.60% बढ़कर ₹2261.26 करोड़ रही। PAT 36.42% बढ़कर ₹292.41 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹214.34 करोड़ था। बेसिक और डाइल्यूटेड EPS ₹4.23 से बढ़कर ₹6.14 रहा।
कंपनी की मजबूती और सेहत:
- 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी का नेट वर्थ ₹4448.22 करोड़ दर्ज किया गया। नौ महीनों के लिए नेट प्रॉफिट मार्जिन 12.87% रहा।
- एसेट क्वालिटी भी मजबूत बनी हुई है, जिसमें ग्रॉस स्टेज-3 एसेट रेश्यो 2.40% और नेट स्टेज-3 एसेट रेश्यो 1.24% है।
- कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CRAR) 28.40% पर मजबूत बना हुआ है, जो कंपनी की मजबूत पूंजी स्थिति को दर्शाता है।
अन्य अहम खुलासे:
- IPO फंड का इस्तेमाल: 31 दिसंबर, 2025 तक, Laxmi India Finance ने अपने IPO के जरिए जुटाए ₹1651.66 करोड़ में से ₹1641.21 करोड़ का इस्तेमाल कर लिया है। इसका मुख्य उद्देश्य 'आगे की लेंडिंग के लिए भविष्य की पूंजीगत जरूरतों को पूरा करना' है, जो कंपनी के मुख्य व्यवसाय को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- प्रबंधन में नियुक्ति: श्री विनोद माहेश्वरी को चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) के पद पर नियुक्त किया गया है। उनके पास आईटी और फिनटेक में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जो कंपनी की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करेगा।
- नियामकीय स्थिति: RBI द्वारा 'मिडिल लेयर' एनबीएफसी के रूप में कंपनी का वर्गीकरण, स्थापित नियामक दिशानिर्देशों के भीतर इसके संचालन की पुष्टि करता है।
- कर्ज अनुपालन: सूचीबद्ध सुरक्षित नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) के लिए उल्लंघनों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया है, जिसका एसेट कवर 1.10x है।
🚩 निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
कंपनी का प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन निवेशकों को 2.69 के डेट-टू-इक्विटी रेश्यो और 72.29% के टोटल डेट्स टू टोटल एसेट्स पर ध्यान देना चाहिए। एनबीएफसी के लिए यह सामान्य है, लेकिन ब्याज कवरेज और एसेट क्वालिटी के रुझानों की लगातार निगरानी आवश्यक है। लेंडिंग के लिए IPO फंड का सफल उपयोग एक प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर है, और नए CTO के नेतृत्व में प्रौद्योगिकी पर कंपनी का ध्यान परिचालन दक्षता और उत्पाद पेशकशों को बढ़ा सकता है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में लगातार PAT ग्रोथ और स्थिर एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स पर नजर रखनी चाहिए।