नतीजों पर डालें एक नज़र:
Laxmi India Finance Ltd. ने Q3 FY26 (तीसरी तिमाही, फाइनेंशियल ईयर 2026) के लिए अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए हैं। इस तिमाही में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹10.04 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹6.11 करोड़ की तुलना में 64.32% ज्यादा है। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में भी 68.09% की बढ़त देखी गई और यह ₹13.43 करोड़ पर पहुँच गया। कंपनी की कुल आय (Total Income) 29.28% बढ़कर ₹79.82 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹61.74 करोड़ थी। नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में भी 38.10% का मजबूत इजाफा हुआ, जिससे नेट इंटरेस्ट इनकम ₹37.95 करोड़ दर्ज की गई।
अगर पिछली तिमाही (QoQ) की बात करें, तो Q3 FY26 में PAT 6.70% बढ़ा, PBT 5.09% बढ़ा और कुल आय 4.72% बढ़ी।
वहीं, 9 महीनों (9M FY26) के लिए, यानी 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त अवधि में, PAT 36.04% बढ़कर ₹29.10 करोड़ रहा, जबकि कुल आय 30.62% बढ़कर ₹226.13 करोड़ दर्ज की गई।
AUM में ग्रोथ और ऑपरेशन्स की मजबूती:
31 दिसंबर, 2025 तक, कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 21.11% की स्वस्थ बढ़ोतरी हुई और यह ₹1,451.10 करोड़ पर पहुँच गया। कंपनी की अपनी बुक (Own Book) 23.68% बढ़कर ₹1,365.02 करोड़ हो गई। एवरेज पोर्टफोलियो पर यील्ड (Yield on Average Portfolio) 21.76% तक सुधर गया, जबकि बरोइंग की औसत लागत (Average Cost of Borrowings) घटकर 10.94% रह गई, जिससे मार्जिन को सपोर्ट मिला। कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (CRAR) में शानदार सुधार हुआ, यह 20.76% (YoY) से बढ़कर 28.40% हो गया, जो भविष्य की ग्रोथ के लिए मजबूत कैपिटल बफर दर्शाता है। Q3 FY26 में रिटर्न ऑन एवरेज एसेट्स (RoA) 2.53% और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 11.04% रहा।
एसेट क्वालिटी पर चिंता और DA स्ट्रेस इवेंट:
रिपोर्ट की गई एसेट क्वालिटी के आंकड़ों में ग्रॉस एनपीए (Gross NPA) 2.40% और नेट एनपीए (Net NPA) 1.24% रहा। स्टेज 3 के लिए प्रोविजन कवरेज रेश्यो (PCR) YoY के मुकाबले सुधरकर 49.19% हो गया। हालाँकि, क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost) 1.03% (YoY) से बढ़कर 1.23% हो गई।
इन आंकड़ों को प्रभावित करने वाली एक बड़ी वजह जनवरी और जुलाई 2025 में अधिग्रहित डायरेक्ट असाइनमेंट (DA) लोन पूल में ₹25.12 करोड़ का एक वन-टाइम स्ट्रेस इवेंट रहा। DA पार्टनर को अप्रत्याशित वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, जिसके कारण ईएमआई (EMI) प्राप्त नहीं हो सकी और 90 दिनों से अधिक के प्रभावित खातों को एनपीए (NPA) के रूप में वर्गीकृत करना पड़ा। इस बाहरी घटना ने रिपोर्टेड एसेट क्वालिटी और प्रॉफिटेबिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव डाला।
असल प्रदर्शन (Underlying Performance):
DA स्ट्रेस इवेंट को अलग रखने पर, कंपनी का मूल प्रदर्शन (underlying performance) कहीं ज्यादा बेहतर नजर आता है। 9M FY26 के लिए, DA इवेंट को छोड़ दें तो PBT ₹51.25 करोड़ (रिपोर्टेड ₹38.97 करोड़ की तुलना में), PAT ₹38.22 करोड़ (रिपोर्टेड ₹29.10 करोड़ की तुलना में), RoE 14.31% (रिपोर्टेड 11.04% की तुलना में), RoA 3.31% (रिपोर्टेड 2.53% की तुलना में), ग्रॉस एनपीए 0.94% (रिपोर्टेड 2.40% की तुलना में), और नेट एनपीए 0.63% (रिपोर्टेड 1.24% की तुलना में) होता।
नए लेबर कोड लागू करने के लिए ₹0.45 करोड़ का एक वन-टाइम प्रोविजन (provision) भी किया गया था।
जोखिम और भविष्य का नज़रिया (Risks & Outlook):
DA स्ट्रेस इवेंट एक बड़ा जोखिम पेश करता है, जो DA ट्रांजैक्शंस में काउंटरपार्टी रिस्क मैनेजमेंट पर सवाल खड़े करता है। हालाँकि मैनेजमेंट मजबूत कैपिटल बफर, स्थिर मार्जिन और अनुशासित अंडरराइटिंग का आश्वासन दे रहा है, निवेशक कंपनी की DA पार्टनर्स को मैनेज करने और भविष्य में क्रेडिट कॉस्ट को बढ़ने से रोकने की क्षमता पर बारीकी से नज़र रखेंगे। पोर्टफोलियो की क्वालिटी, नियंत्रित ग्रोथ और मजबूत रिस्क ओवरसाइट मैकेनिज्म पर फोकस सस्टेनेबल वैल्यू क्रिएशन के लिए महत्वपूर्ण हैं। Underlying परफॉर्मेंस भले ही ऑपरेशनल स्ट्रेंथ दिखाती है, पर बाहरी क्रेडिट इवेंट्स का असर नज़दीकी अवधि में चिंता का विषय बना रहेगा।