Laurus Labs: CDMO बिजनेस में दमदार उछाल, रेवेन्यू में **41%** हिस्सेदारी के साथ कंपनी ने बदली चाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Laurus Labs: CDMO बिजनेस में दमदार उछाल, रेवेन्यू में **41%** हिस्सेदारी के साथ कंपनी ने बदली चाल

Laurus Labs अब हाई-मार्जिन कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग पर दांव लगा रही है। कंपनी के CDMO सेगमेंट का रेवेन्यू में **41%** योगदान हो गया है। हालांकि भविष्य के लिए अर्निंग ग्रोथ के अनुमान मजबूत हैं, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन को देखते हुए नए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए।

CDMO की ओर रणनीतिक बदलाव

Laurus Labs ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए एंटी-रेट्रोवाइरल (anti-retroviral) रेवेन्यू पर निर्भरता को FY19 के 67% से घटाकर अब 41% कर दिया है। कंपनी का CDMO (Contract Development and Manufacturing Organisation) डिवीजन अब विकास का मुख्य इंजन बन चुका है, जिसने पिछले छह वर्षों में 33% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज की है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी के कुल रेवेन्यू में CDMO का योगदान 41% रहा है, जो कंपनी के बेहतर मार्जिन वाले ऑपरेशंस की ओर सफल संक्रमण को दर्शाता है।

कैपेक्स और ऑपरेशन्स का विस्तार

ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी बुनियादी ढांचे को आक्रामक रूप से बढ़ा रही है। FY27 के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) गाइडेंस को बढ़ाकर ₹2,000 करोड़ कर दिया गया है। कंपनी ने पिछले चार वर्षों में ₹4,300 करोड़ का निवेश किया है। मैनेजमेंट अब प्रिसिजन फर्मेंटेशन (precision fermentation) और कॉम्प्लेक्स ऑन्कोलॉजी ट्रीटमेंट्स जैसे हाई-वैल्यू सेगमेंट्स पर दांव लगा रहा है। विजाग में फर्मेंटेशन फैसिलिटी 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।

एडवांस थेरेप्यूटिक प्लेटफॉर्म्स

कंपनी एंटीबॉडी-ड्रग कॉन्जुगेट्स (ADC) के क्षेत्र में अपना एक खास मुकाम बना रही है। Aarvik Therapeutics से क्लीनिकल-स्टेज ADC मॉलिक्यूल्स को इन-लाइसेंस लेकर कंपनी अपनी टेक्नोलॉजी क्षमता बढ़ा रही है। इसके अलावा, ऑन्कोलॉजी इंजेक्टेबल्स के लिए KRKA के साथ पार्टनरशिप भी समय पर चल रही है, जिसके 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। इन निवेशों के दम पर कंपनी अगले दो वर्षों में 26% की अर्निंग CAGR का लक्ष्य लेकर चल रही है।

मार्केट वैल्यूएशन और जोखिम

हालांकि कंपनी का ऑपरेशनल आउटलुक मजबूत है और नेट डेट टू EBITDA रेशियो गिरकर 1.3x पर आ गया है, लेकिन स्टॉक का मौजूदा भाव इन उम्मीदों को पहले ही डिस्काउंट कर चुका है। FY28 के लिए 41x EV/EBITDA पर ट्रेड कर रहा यह शेयर निवेशकों को गलती की गुंजाइश बहुत कम देता है। पुराने शेयरधारकों को लॉन्ग-टर्म में फायदा हो सकता है, लेकिन नए निवेशकों को बेहतर एंट्री पॉइंट का इंतजार करना चाहिए क्योंकि कंपनी अभी अपने बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर साइकिल से गुजर रही है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.