कोलकाता की Laser Power & Infra ने अपने ₹742 करोड़ के IPO से पहले 15 एंकर निवेशकों से ₹222.6 करोड़ जुटा लिए हैं। इस लिस्ट में Nippon Life India और HDFC Mutual Fund जैसे बड़े नाम शामिल हैं। पब्लिक सब्सक्रिप्शन 9 जुलाई को खुलेगा और जुटाई गई रकम का मुख्य इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा।
एंकर निवेशकों से मिली ₹222.6 करोड़ की मजबूती
Laser Power & Infra, जो कि कोलकाता की एक पावर केबल और कंडक्टर निर्माता कंपनी है, ने अपने आने वाले इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से पहले 15 एंकर निवेशकों से सफलतापूर्वक ₹222.6 करोड़ की राशि जुटाई है। यह एंकर बुकिंग कंपनी के ₹742 करोड़ के IPO से ठीक पहले हुई है, जिसका पब्लिक सब्सक्रिप्शन 9 जुलाई को खुलेगा। कंपनी ने ऊपरी प्राइस बैंड ₹214 प्रति शेयर पर लगभग 1.04 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए।
किन बड़े फंड्स ने लगाया पैसा?
एंकर निवेशक सूची में डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स का दबदबा देखने को मिला। आठ म्यूचुअल फंड्स, जिनमें HDFC Mutual Fund, Nippon Life India, Kotak Mahindra AMC, और Mirae Asset शामिल हैं, ने कुल 76.63 लाख शेयर खरीदे। इसके अलावा Societe Generale जैसे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और Kotak Mahindra Life Insurance और Edelweiss Life Insurance जैसी बीमा कंपनियों ने भी इस आवंटन में हिस्सा लिया।
IPO का स्ट्रक्चर और कर्ज घटाने का प्लान
कुल IPO साइज ₹742 करोड़ का है, जिसमें ₹542 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹200 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) शामिल है। सब्सक्रिप्शन 9 जुलाई से 13 जुलाई तक खुला रहेगा। निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि कंपनी इस इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम में से ₹490 करोड़ का इस्तेमाल अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने में करेगी। 17 जून 2026 तक कंपनी पर ₹935.6 करोड़ का कर्ज था। कर्ज का बोझ कम करना इस पूंजी जुटाने का एक मुख्य उद्देश्य है।
कंपनी का कामकाज और प्रदर्शन
Laser Power & Infra के पश्चिम बंगाल में तीन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स हैं, जिनकी कुल क्षमता 85,448 मीट्रिक टन है। कंपनी का बिजनेस मॉडल दो मुख्य हिस्सों में बंटा है: पावर केबल और कंडक्टर का निर्माण (जिससे फाइनेंशियल ईयर 2026 में 73% रेवेन्यू आया) और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सेवाएं (जिससे 27% रेवेन्यू आया)। EPC डिविजन खासतौर पर ग्रामीण विद्युतीकरण और पावर डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर फोकस करता है।
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹151.6 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 42% ज्यादा है। हालांकि, इस दौरान कंपनी के रेवेन्यू में 9.5% की गिरावट आई और यह ₹2,326 करोड़ पर आ गया। मुनाफे और रेवेन्यू के इस अंतर से कंपनी के ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर फोकस का पता चलता है। भविष्य में, निवेशकों की नजर कंपनी की कर्ज प्रबंधन क्षमता और EPC प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर रहेगी, जो इस सेक्टर में टिकाऊ ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण हैं।
