Laser Power & Infra के शेयर आज BSE पर ₹269 पर लिस्ट हुए, जो कि IPO प्राइस ₹214 से **25.7%** ज्यादा है। दिन के अंत में यह शेयर **22.8%** बढ़कर ₹262.85 पर बंद हुआ, इसका मुख्य कारण Nippon India Mutual Fund और Buoyant Capital जैसे बड़े निवेशकों की भारी खरीदारी रही।
शेयर बाजार में दमदार आगाज
Laser Power & Infra ने 16 जुलाई 2026 को शेयर बाजार में शानदार डेब्यू किया। कंपनी के शेयर BSE पर ₹269 के भाव पर लिस्ट हुए, जो कि इसके ₹214 प्रति शेयर के IPO प्राइस से 25.7% का प्रीमियम था। ट्रेडिंग सेशन के दौरान शेयर ने अपनी बढ़त काफी हद तक बनाए रखी और दिन के अंत में ₹262.85 पर बंद हुआ, जो IPO प्राइस से 22.8% अधिक था।
यह कंपनी पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े प्रोडक्ट बनाती है। यह ऐसा सेक्टर है जहां सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह की कंपनियां बड़ा कैपिटल खर्च करती हैं। कंपनी की इस मजबूत लिस्टिंग के पीछे बड़े इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का खासा इंटरेस्ट रहा, जिन्होंने ओपन मार्केट में शेयर खरीदे।
इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने की भारी खरीदारी
Nippon India Mutual Fund इस लिस्टिंग पर सबसे एक्टिव खरीदारों में से एक रहा। फंड ने दो अलग-अलग सौदों में 16.95 लाख शेयर खरीदे। इन खरीदारी का कुल मूल्य लगभग ₹44.22 करोड़ रहा और यह ₹260.75 से ₹260.98 प्रति शेयर के एवरेज प्राइस पर की गई। यह खरीदारी फंड की मौजूदा हिस्सेदारी में और इजाफा करती है, जो कंपनी के पब्लिक मार्केट में आने से पहले भी थी।
Buoyant Capital, जो एक अल्टरनेटिव एसेट मैनेजर है, ने भी कंपनी में एक बड़ी हिस्सेदारी बनाई है। अपने इन्वेस्टमेंट व्हीकल्स, Buoyant Opportunities Strategy और Buoyant Opportunities Strategy-III के जरिए, फर्म ने ₹269 प्रति शेयर के भाव पर 20 लाख शेयर खरीदे, जिनकी कुल वैल्यू ₹53.8 करोड़ रही। इस खरीदारी के बाद Buoyant Capital के पास इस पावर इंफ्रा फर्म में 1.42% हिस्सेदारी हो गई है।
अन्य प्रमुख इंस्टीट्यूशनल खरीदारों में BofA Securities Europe SA शामिल है, जिसने ₹262.63 के एवरेज प्राइस पर 9 लाख शेयर ₹23.63 करोड़ में खरीदे। इसके अलावा, Bank of India Mutual Fund ने ₹263.36 के एवरेज प्राइस पर 9.43 लाख शेयर ₹24.83 करोड़ में खरीदे।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों के लिए अब मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि कंपनी अपने ऑर्डर बुक को कैसे मैनेज करती है और ऑपरेशन्स को बढ़ाते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। पावर इंफ्रा सेक्टर बहुत कॉम्पिटिटिव है, और कंपनियों को अक्सर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के दबाव का सामना करना पड़ता है। चूंकि स्टॉक अपने शुरुआती ऑफर की तुलना में प्रीमियम वैल्यूएशन पर लिस्ट हुआ है, निवेशक कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर रखेंगे कि क्या कंपनी का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस मार्केट के मौजूदा भरोसे को सही ठहराता है। भविष्य में नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने और डेट लेवल को मैनेज करने की क्षमता आने वाले तिमाहियों में स्टॉक के परफॉर्मेंस के लिए अहम साबित होगी।
