Laser Power and Infra का ₹742 करोड़ का IPO आज बंद हो गया। निवेशकों ने ज़बरदस्त दिलचस्पी दिखाई, इश्यू 38.49 गुना सब्सक्राइब हुआ। खासकर इंस्टीट्यूशनल बायर्स की भारी मांग देखी गई। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपना मौजूदा कर्ज चुकाने के लिए करेगी। अब निवेशकों की नज़रें शेयर अलॉटमेंट स्टेटस और स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग पर होंगी।
IPO में निवेशकों का रहा ज़बरदस्त उत्साह
Laser Power and Infra ने अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। बोली के आखिरी दिन तक, इश्यू कुल 38.49 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो निवेशकों की ज़बरदस्त मांग को दर्शाता है।
इंस्टीट्यूशनल बायर्स का रहा दबदबा
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) ने सबसे ज़्यादा दिलचस्पी दिखाई। उनके लिए रिजर्व किए गए शेयरों के मुकाबले 92.25 गुना ज़्यादा बोली लगी। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) सेगमेंट 43.13 गुना सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों ने भी अपनी तरफ से अच्छी भागीदारी की, उनका हिस्सा 5.79 गुना सब्सक्राइब हुआ।
एंकर निवेशकों से मिली ₹223 करोड़ की मजबूती
पब्लिक इश्यू खुलने से पहले ही, Laser Power ने एंकर निवेशकों से ₹223 करोड़ जुटाकर अच्छी शुरुआत की थी। इस राउंड में Nippon India Mutual Fund, HDFC Mutual Fund, Mirae Asset Mutual Fund, और Motilal Oswal Mutual Fund जैसे बड़े नाम शामिल थे। इसके अलावा 3P India Equity Fund, Bandhan Mutual Fund, Edelweiss Mutual Fund, Bank of India Mutual Fund, Kotak Mahindra Life Insurance, Edelweiss Life Insurance, और Societe Generale ने भी इसमें पैसा लगाया। इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का यह विश्वास कंपनी के फंडामेंटल्स के प्रति भरोसा दिखाता है।
IPO की फाइनेंसियल स्ट्रक्चर
₹203 से ₹214 प्रति शेयर के प्राइस बैंड वाले इस इश्यू में ₹542 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹200 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) कंपोनेंट शामिल था। OFS में प्रमोटर्स Deepak Goel, Rakhi Goel, और Devesh Goel ने क्रमशः ₹112.5 करोड़, ₹25 करोड़, और ₹62.5 करोड़ के शेयर बेचे। अपर प्राइस बैंड ₹214 के हिसाब से, कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन करीब ₹3,000 करोड़ है।
कर्ज चुकाने की तैयारी
IPO से जुटाई गई रकम का एक बड़ा हिस्सा कंपनी अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए इस्तेमाल करेगी। ख़ास तौर पर, ₹490 करोड़ का उपयोग मौजूदा कर्ज को चुकाने या प्री-पे करने के लिए किया जाएगा। कर्ज का बोझ कम करने से कंपनी के इंटरेस्ट कॉस्ट में कमी आएगी और उसकी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ेगी। बाकी फंड्स का इस्तेमाल जनरल कॉर्पोरेट पर्पस के लिए किया जाएगा।
आगे क्या?
सब्सक्रिप्शन बंद होने के बाद, कंपनी जल्द ही शेयर अलॉटमेंट का फाइनल आधार तय करेगी। जिन निवेशकों ने इस इश्यू में पैसा लगाया है, वे अब अलॉटमेंट स्टेटस की आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार करेंगे। सफल आवेदकों के डीमैट खातों में शेयर क्रेडिट होने के बाद, यह स्टॉक एक्सचेंजों पर डेब्यू करेगा। बाज़ार के जानकार कंपनी की विस्तार योजनाओं को लागू करने और पब्लिक लिस्टिंग के बाद अपने कर्ज के स्तर को प्रबंधित करने की क्षमता पर नज़र रखेंगे।
