AI ने दिलाई रिकॉर्ड कमाई
L&T Finance अपने को एक AI-संचालित लेंडर के तौर पर स्थापित करने की रणनीति पर तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसने कंपनी को यह रिकॉर्ड नतीजे हासिल करने में मदद की है। कंपनी का फोकस अब लगभग 98% रिटेल बुक पर है, जिसने ग्रोथ को काफी बढ़ावा दिया है।
रिकॉर्ड डिस्बर्सल और एसेट क्वालिटी
FY26 में L&T Finance ने ₹3,003 करोड़ का रिकॉर्ड कंसोलिडेटेड PAT दर्ज किया, जो YoY आधार पर 14% ज्यादा है। इसकी वजह रही रिटेल बुक में 26% की वृद्धि, जो अब ₹1,19,508 करोड़ तक पहुंच गई है। चौथी तिमाही (Q4 FY26) में PAT 27% बढ़कर ₹807 करोड़ रहा। तिमाही डिस्बर्सल 62% बढ़कर ₹24,107 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए, जिसका श्रेय टू-व्हीलर फाइनेंस, गोल्ड फाइनेंस और पर्सनल लोन जैसे सेगमेंट को जाता है। कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी भी मजबूत बनाए रखी है, जिसमें ग्रॉस स्टेज 3 एसेट्स 2.88% पर स्थिर हैं। AI का इस्तेमाल, जैसे कि अंडरराइटिंग के लिए 'प्रोजेक्ट साइक्लोप्स' और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट के लिए 'प्रोजेक्ट नॉस्ट्राडैमUS', कलेक्शन में ₹4,000 करोड़ से अधिक की मदद कर रहा है। 'PLANET' ऐप के जरिए ₹9,500 करोड़ से अधिक की वसूली हुई है।
NBFC सेक्टर और L&T Finance का वैल्यूएशन
भारत का NBFC सेक्टर FY26 में 15-17% AUM ग्रोथ के साथ आगे बढ़ने की उम्मीद है। लेंडर्स के लिए यह एक सपोर्टिव फंडिंग माहौल बना रहा है। हालांकि, इंडस्ट्री में कॉम्पिटिशन कड़ा है। L&T Finance का P/E रेश्यो फिलहाल 25-26x के आसपास है, जो इसके 10-साल के मीडियन 17.73x से काफी ऊपर है। यह Shriram Finance (26.05x) और Sundaram Finance (26.75x) से थोड़ा ही ऊपर है, जबकि Bajaj Finance 31.33x पर ट्रेड कर रहा है। Muthoot Finance का P/E करीब 16.21x है। एनालिस्ट्स का मानना है कि L&T Finance का P/E इसके मीडियन से 41% ऊपर है, यानी स्टॉक में भविष्य की ग्रोथ पहले से ही शामिल है।
'Lakshya 2031': कंपनी का बड़ा प्लान
L&T Finance ने 'Lakshya 2031' नाम से एक आक्रामक पांच-साला प्लान पेश किया है। इसके तहत कंपनी 20% से अधिक की सालाना बुक ग्रोथ, क्रेडिट कॉस्ट को 2% से नीचे लाने, 3-3.2% का रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) और 16-18% का रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) हासिल करने का लक्ष्य रखती है। FY26 में कंपनी का RoA 2.39% और RoE 11.33% था। कंपनी ने FY26 के लिए ₹2.75 प्रति इक्विटी शेयर का डिविडेंड भी सुझाया है।
महत्वाकांक्षी लक्ष्यों पर चिंता
कंपनी का 'Lakshya 2031' प्लान काफी महत्वाकांक्षी है, जिसके नतीजे FY26 के प्रदर्शन से काफी ऊपर के हैं। इसका मतलब है कि कंपनी को ग्रोथ और एफिशिएंसी में बड़ा सुधार करना होगा। मौजूदा P/E रेश्यो बताता है कि निवेशक पहले से ही बड़े रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं, ऐसे में इन लक्ष्यों को पूरा न कर पाना वैल्यूएशन के लिए चिंता का विषय बन सकता है। हालांकि AI के प्रयास सकारात्मक हैं, खासकर कलेक्शन में, लेकिन इनकी व्यापक रणनीतिक सफलता को और साबित करने की जरूरत है। NBFC सेक्टर में तेजी के साथ एसेट क्वालिटी में समस्या का जोखिम भी बना रहता है, जो L&T Finance के क्रेडिट कॉस्ट को 2% से नीचे रखने के लक्ष्य को चुनौती दे सकता है।
एनालिस्ट्स की राय
फिलहाल, एनालिस्ट्स L&T Finance पर 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹298-₹302 के आसपास है, जो मौजूदा स्तरों से 3-4% की मामूली तेजी का संकेत देता है।
