L&T Finance अब गोल्ड लोन सेगमेंट में अपनी धाक जमाने की तैयारी में है। कंपनी अगले 5 सालों में अपने नेटवर्क को 3,000 ब्रांच तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह बड़ा फैसला गोल्ड लोन पोर्टफोलियो में आई **182%** की शानदार तेजी के बाद आया है, जो अब बढ़कर **₹3,829 करोड़** पर पहुंच गया है।
आक्रामक विस्तार की रणनीति
कंपनी गोल्ड लोन मार्केट के बड़े हिस्से पर कब्जा करने के इरादे से मैदान में है। फिलहाल कंपनी के पास इस सेगमेंट में 343 सक्रिय ब्रांच हैं, लेकिन मैनेजमेंट का लक्ष्य हर साल कम से कम 500 नई शाखाएं खोलने का है। अगले पांच सालों में कंपनी का नेटवर्क 2,500 से 3,000 ब्रांच तक पहुंचने का अनुमान है।
नतीजों में दिखी मजबूती
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी दमदार रहा है। साल-दर-साल आधार पर गोल्ड लोन पोर्टफोलियो ₹1,360 करोड़ से बढ़कर ₹3,829 करोड़ हो गया है। इस विकास में जून 2025 में हुए 'Paul Merchants Finance' के अधिग्रहण का भी अहम रोल रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी 31% उछलकर ₹916 करोड़ दर्ज किया गया है।
बिजनेस मॉडल में बदलाव
यह कदम कंपनी के लिए 'सिक्योर्ड रिटेल लेंडिंग' की ओर एक बड़ा बदलाव है। फिलहाल, गोल्ड लोन का हिस्सा कंपनी के कुल ₹1.3 लाख करोड़ के लोन बुक में केवल 3% है, जिसे कंपनी 2031 तक 10% के पार ले जाना चाहती है। सुरक्षित लोन पर फोकस करने से कंपनी डिफॉल्ट की स्थिति में रिकवरी को आसान बनाना चाहती है।
क्या हैं चुनौतियां?
इतने बड़े स्तर पर ब्रांच एक्सपेंशन का मतलब है भारी परिचालन खर्च (Operating Cost)। चूंकि गोल्ड लोन के लिए फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और सिक्योरिटी वॉल्ट्स की जरूरत होती है, इसलिए मार्जिन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंपनी के लिए रिस्क फैक्टर हो सकते हैं। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनी साल दर साल ब्रांच खोलने के अपने वादे को कितनी कुशलता से पूरा करती है।
