'Lakshya 2031' नाम की इस नई योजना में, L&T Finance का इरादा अपने एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) को फाइनेंशियल ईयर 2031 तक मौजूदा स्तर से लगभग तीन गुना बढ़ाकर ₹3 लाख करोड़ करने का है। यह योजना तेज बुक ग्रोथ और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर आधारित है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हालिया तिमाही नतीजों में रिटेल लोन ग्रोथ और मुनाफे में सुधार दिखा है, लेकिन इन बड़े लक्ष्यों को पाने के लिए कंपनी को क्रेडिट कॉस्ट में भारी कटौती करनी होगी और एक चुनौतीपूर्ण बाजार से निपटना होगा।
'Lakshya 2031' पहल के तहत L&T Finance के चार मुख्य वित्तीय उद्देश्य हैं: सालाना 20% से अधिक बुक ग्रोथ, 2% से कम क्रेडिट कॉस्ट, 3.0% से 3.2% के बीच रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) और 16-18% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE)। कंपनी की रिटेल लोन बुक पहले ही 31 मार्च 2026 तक ₹1,19,508 करोड़ तक पहुंच गई है, जिसमें साल-दर-साल 26% की ग्रोथ देखी गई है। इस रिटेल फोकस से मुनाफे में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिसमें FY2026-FY2028 के दौरान लोन बुक कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 21% और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स ग्रोथ करीब 28% रहने का अनुमान है। एनालिस्ट्स ने भी इन नतीजों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, कई ब्रोकरेज फर्मों ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और 20% तक के अपसाइड का अनुमान जताया है।
L&T Finance के लक्ष्यों की रीढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का एकीकरण है। AI अंडरराइटिंग इंजन, साइक्लोप्स (Cyclops) ने दमदार नतीजे दिखाए हैं। अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच ₹3,000 करोड़ की एक्वायर की गई बुक पर इसकी 30-दिन की पास्ट-ड्यू रेट सिर्फ 2.71% रही है, जो इंडस्ट्री के औसत 7.1% से काफी बेहतर है। यह सफलता इसलिए अहम है क्योंकि कंपनी क्रेडिट कॉस्ट को मौजूदा 2.64% से घटाकर FY28-29 तक 2% से नीचे लाने का लक्ष्य रखती है। इसके अलावा, AI-संचालित कलेक्शंस बॉट्स से हर साल ₹30 से ₹40 करोड़ की बचत होने का अनुमान है, क्योंकि ये बॉट्स प्रति कॉल ₹10-12 की लागत पर काम करते हैं, जबकि मानव एजेंटों के लिए यह लागत ₹300 है। कंपनी एक नया पेमेंट्स प्लेटफॉर्म भी विकसित कर रही है, जिससे फी इनकम के नए स्रोत खुलेंगे और यह Q2 FY27 तक चालू हो जाने की उम्मीद है।
क्रेडिट कॉस्ट को 2% से नीचे लाने का लक्ष्य एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। हालांकि Q4 FY26 में क्रेडिट कॉस्ट घटकर 2.64% हो गई है, जो Q3 FY26 के 2.83% से कम है, लेकिन यह अभी भी लक्ष्य से ऊपर है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, FY2024 के 1.3% की तुलना में H1 FY2026 में क्रेडिट कॉस्ट बढ़कर 1.7% हो गई है। इसके अलावा, पोर्टफोलियो में सेमी-सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड एसेट्स का बढ़ता हिस्सा, जो सितंबर 2025 तक 43% हो गया है, एसेट क्वालिटी को लेकर चिंताएं बढ़ा सकता है। कंपनी का लक्ष्य Q4 FY27 तक क्रेडिट कॉस्ट को 2-2.2% की रेंज में लाना है, जबकि 2% से नीचे का लक्ष्य FY28-29 के लिए रखा गया है, जो एक बहु-वर्षीय प्रयास की ओर इशारा करता है।
वर्तमान में L&T Finance का P/E रेश्यो 23.08 से 25.01 के बीच कारोबार कर रहा है। एक विश्लेषण के अनुसार, यह वैल्यूएशन इसके 10-साल के मीडियन से 41% अधिक है, जो इसे GF वैल्यू के मुकाबले 'Modestly Overvalued' बनाता है। यह वैल्यूएशन पीयर कंपनियों जैसे श्रीराम फाइनेंस (22.50x) और मुथूट फाइनेंस (16.06x) से अधिक है, लेकिन बजाज फाइनेंस (29.97x) और चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट (27.32x) से कम है। भारतीय NBFC सेक्टर में मजबूत ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें मार्च 2027 तक एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 50 लाख करोड़ रुपये को पार करने का अनुमान है। हालांकि, जियोपॉलिटिकल जोखिमों, जैसे मध्य पूर्व में संघर्ष, के कारण सेक्टर की प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव पड़ सकता है, हालांकि L&T Finance के मैनेजमेंट ने अभी तक ऐसे कोई गंभीर प्रभाव नहीं देखे हैं।
एनालिस्ट्स का L&T Finance पर मिला-जुला नजरिया है, जिसमें 'Moderate Buy' की कंसेंसस रेटिंग और प्राइस टारगेट ₹300 के आसपास हैं, जो संभावित अपसाइड का संकेत देते हैं। अनुमान है कि L&T Finance FY2027 से लगातार, क्वालिटी-आधारित ग्रोथ के दौर में प्रवेश करेगी, जिसे बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और कम फंडिंग कॉस्ट का समर्थन मिलेगा। 'Lakshya 2031' के आक्रामक लक्ष्यों को पूरा करने में AI रणनीति का सफल क्रियान्वयन और क्रेडिट क्वालिटी का विवेकपूर्ण प्रबंधन महत्वपूर्ण होगा।
