LIC का शेयर रॉकेट बनेगा? Q4 नतीजे, डिविडेंड और बोनस शेयर की घोषणा कल

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AuthorMehul Desai|Published at:
LIC का शेयर रॉकेट बनेगा? Q4 नतीजे, डिविडेंड और बोनस शेयर की घोषणा कल
Overview

लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) कल, 21 मई को अपने चौथे तिमाही और पूरे साल के वित्तीय नतीजों की घोषणा करेगी। बोर्ड इसी दिन फाइनल डिविडेंड पर भी विचार करेगा। यह घोषणा ऐसे समय में आ रही है जब कंपनी ने पहली बार ₹6,352 करोड़ के बोनस शेयर इश्यू को मंजूरी दी है।

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LIC के Q4 नतीजों का इंतज़ार

लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) 21 मई को मार्च 2026 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही और पूरे साल के नतीजों का ऐलान करेगी। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स इस दिन ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी देंगे और साथ ही फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने पर भी चर्चा करेंगे।

पहली बार बोनस शेयर का ऐलान!

इससे पहले, LIC के शेयरहोल्डर्स ने ₹6,352 करोड़ के एक बड़े बोनस शेयर इश्यू को मंजूरी दे दी है। इसके तहत, हर शेयर पर एक बोनस इक्विटी शेयर मिलेगा, जिससे कंपनी की पेड-अप इक्विटी कैपिटल दोगुना हो जाएगी। यह LIC का पहला बोनस डिस्ट्रीब्यूशन होगा और उम्मीद है कि यह 12 जून तक पूरा हो जाएगा, जिससे कुल पेड-अप शेयर्स और कैपिटल में बढ़ोतरी होगी।

ट्रेडिंग विंडो बंद और एनालिस्ट कॉल

SEBI के नियमों के अनुसार, LIC की सिक्योरिटीज के लिए ट्रेडिंग विंडो 23 मई तक बंद रहेगी। कंपनी ने Q4 FY26 के नतीजों पर चर्चा के लिए 21 मई की शाम को इन्वेस्टर्स और एनालिस्ट्स के लिए एक अर्निंग्स कॉल (Earnings Call) भी शेड्यूल की है।

हालिया प्रदर्शन और स्टॉक वैल्यूएशन

FY26 की दिसंबर तिमाही में, LIC ने ₹12,930 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो पिछले साल की तुलना में 17% ज़्यादा है। नेट प्रीमियम इनकम (Net Premium Income) भी 17% बढ़कर ₹1.26 लाख करोड़ हो गई थी। इस प्रॉफिट ग्रोथ के बावजूद, LIC का शेयर NSE पर लगभग ₹803.90 पर ट्रेड कर रहा है और इसमें गिरावट देखने को मिली है। साल-दर-तारीख (Year-to-date) शेयर 5.73% गिर चुके हैं, और पिछले एक साल में ये 5.50% नीचे आए हैं। कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) लगभग 10.55 है, जो अक्सर वैल्यू स्टॉक (Value Stock) का संकेत देता है। हालांकि, LIC की पांच साल की रेवेन्यू ग्रोथ 6.61% है, जो इंडस्ट्री की औसत 10.3% से कम है।

एनालिस्ट्स की राय और मार्केट पोजीशन

एनालिस्ट्स (Analysts) आम तौर पर LIC इंडिया को 'खरीदने' (Buy) की सलाह दे रहे हैं, जिनका औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹1,045.54 है, जो 32% से ज़्यादा की संभावित अपसाइड (Upside) का संकेत देता है। ज्यादातर एनालिस्ट्स की कंसेंसस (Consensus) टारगेट ₹1,000 है। LIC भारत की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरर है, जो न्यू बिजनेस प्रीमियम (New Business Premium) में 66.2% से ज़्यादा मार्केट शेयर रखती है, भले ही एक समय के एकाधिकार (Monopoly) से यह हिस्सेदारी घटी है। इसका मजबूत भरोसा और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क इसे HDFC Life और SBI Life जैसे कॉम्पिटिटर्स के मुकाबले मज़बूत बनाता है। LIC का P/E रेश्यो (लगभग 8.7x) कुछ पियर्स (Peers) से कम लगता है।

मार्केट शेयर और ग्रोथ पर चिंता

LIC का मार्केट शेयर पिछले पांच सालों में 70% से घटकर फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम में 59% से नीचे आ गया है। प्राइवेट इंश्योरर्स तेज़ी से बढ़ रहे हैं, खासकर न्यू बिजनेस प्रीमियम और प्रोडक्ट इनोवेशन में। LIC की पॉलिसी बिक्री में भी कमी आई है और पर्सिस्टेंसी रेट (Persistency Rate) में मामूली गिरावट देखी गई है। इसकी रेवेन्यू ग्रोथ इंडस्ट्री के औसत से पीछे रही है। ये चिंताएं इसके वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकती हैं, भले ही P/E बेस पर यह कम दिख रहा हो, खासकर भारत के इंश्योरेंस सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.