Life Insurance Corporation of India (LIC) ने अगले दो सालों में देश की हर ग्राम पंचायत तक पहुंचने का महत्वाकांक्षी प्लान बनाया है। वर्तमान में कंपनी **62%** पंचायतों में अपनी सेवाएं दे रही है। 'बीमा सखी' नेटवर्क के जरिए हो रहे इस विस्तार के साथ ही कंपनी अपने फाइनेंशियल परफॉर्मेंस को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।
ग्रामीण भारत में बढ़ेगा दबदबा
LIC वर्तमान में भारत की कुल 244,876 ग्राम पंचायतों में से 62% तक पहुंच बना चुकी है और 151,620 से ज्यादा लोकेशन्स पर इसके एजेंट्स सक्रिय हैं। इस विस्तार के केंद्र में 'बीमा सखी' (Bima Sakhi) योजना है, जिसके तहत महिलाओं को इंश्योरेंस एजेंट के रूप में प्रशिक्षित कर ग्रामीण इलाकों में बीमा पॉलिसी बेची जा रही है। यह रणनीति कंपनी को रूरल इंश्योरेंस गैप को पाटने और मार्केट लीडरशिप को बरकरार रखने में मदद करेगी।
शानदार फाइनेंशियल रिजल्ट्स
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में LIC ने दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax) ₹13,492 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 22.81% ज्यादा है। निवेशकों के लिए सबसे खास बात इसका VNB (Value of New Business) मार्जिन रही, जो 750 बेसिस पॉइंट्स के सुधार के साथ 22.9% पर पहुंच गया है, जो अधिक प्रॉफिटेबल पॉलिसी मिक्स को दर्शाता है।
शेयर बाजार और चुनौतियां
अगस्त 2026 में सरकारी हिस्सेदारी में 6.5% की बिक्री के बाद शेयर में थोड़ी अस्थिरता दिखी थी, और स्टॉक ₹422 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि कंपनी का विस्तार ग्रोथ की संभावनाओं को दर्शाता है, लेकिन नए एजेंट्स को प्रशिक्षित करना और उन्हें प्रोडक्टिव बनाना कंपनी के सामने एक बड़ा एग्जीक्यूशन रिस्क भी है।
भविष्य की तैयारी
कंपनी साल 2027 में लागू होने वाले नए अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (Ind AS) के लिए भी खुद को तैयार कर रही है। इसके अलावा, प्राइवेट कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा और हाई-मार्जिन नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स सेगमेंट में अपना हिस्सा बचाने की चुनौती भी LIC के लिए बड़ी मॉनिटरेबल है। आने वाले समय में रूरल एक्सपेंशन की गति और मार्जिन की स्थिरता ही तय करेगी कि कंपनी का स्टॉक लंबी अवधि में कैसा प्रदर्शन करता है।
