LIC Share Price: निवेशकों की चांदी! कंपनी ने किया रिकॉर्ड बोनस और डिविडेंड का ऐलान, शेयर भागा 5%

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AuthorMehul Desai|Published at:
LIC Share Price: निवेशकों की चांदी! कंपनी ने किया रिकॉर्ड बोनस और डिविडेंड का ऐलान, शेयर भागा 5%
Overview

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयरों में आज ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई। कंपनी के पहली बार 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने और फाइनेंशियल ईयर 26 के लिए ₹10 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने के ऐलान के बाद स्टॉक में करीब 5% का उछाल आया। LIC ने Q4FY26 में अपने नेट प्रॉफिट में 23% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹23,467 करोड़ रहा। ब्रोकरेज फर्मों ने भी LIC पर भरोसा जताया है, JM Financial ने तो टारगेट प्राइस ₹960 तक बढ़ा दिया है।

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LIC के शेयर में तूफानी तेज़ी

22 मई 2026 को इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयरों में लगभग 5% की ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई। इस उछाल की मुख्य वजह कंपनी का पहली बार 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी करने का फैसला और फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹10 प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड का प्रस्ताव है। BSE पर स्टॉक ने ₹839 का इंट्रा-डे हाई बनाया।

बोनस और डिविडेंड का पूरा प्लान

कंपनी के इस फैसले से उसके पेड-अप इक्विटी कैपिटल दोगुने होकर ₹12,650 करोड़ हो जाएंगे। बोनस शेयर के लिए रिकॉर्ड डेट 29 मई 2026 तय की गई है, और शेयरों का अलॉटमेंट 1 जून 2026 तक होने की उम्मीद है। वहीं, डिविडेंड भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट 25 जून 2026 है। इन कदमों का मकसद शेयरधारकों को पुरस्कृत करना और इक्विटी वैल्यू को बढ़ाना है। हालांकि, ये ऐलान बाज़ार बंद होने के बाद आए, लेकिन 21 मई 2026 को LIC का शेयर 0.03% गिरकर ₹800.20 पर बंद हुआ था।

नतीजों ने बढ़ाई निवेशकों की उम्मीद

LIC के शानदार फाइनेंशियल नतीजों ने बाज़ार में सकारात्मक प्रतिक्रिया पैदा की है। फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के ₹19,039 करोड़ से 23% बढ़कर ₹23,467 करोड़ हो गया। नेट प्रीमियम इनकम में भी 12% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1.65 लाख करोड़ पर पहुंच गई। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 की बात करें तो नेट प्रॉफिट 19% से ज़्यादा बढ़कर ₹57,419 करोड़ रहा। वहीं, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 5% से ज़्यादा की बढ़ोतरी के साथ यह ₹57.29 लाख करोड़ हो गया।

ब्रोकरेज फर्मों का नज़रिया

ज्यादातर ब्रोकरेज फर्मों ने LIC के नतीजों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। JM Financial ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए अपने टारगेट प्राइस को ₹888 से बढ़ाकर ₹960 कर दिया है, जो कि लगभग 20% की तेज़ी का संकेत देता है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के प्रोडक्ट मिक्स में सुधार, ज़्यादा वैल्यू वाली पॉलिसीज़ पर फोकस और नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स से बढ़ती प्रॉफिटेबिलिटी इस तेज़ी की वजहें हैं। FY26 के लिए वैल्यू ऑफ न्यू बिज़नेस (VNB) मार्जिन 360 बेसिस पॉइंट बढ़कर 21.2% हो गया, जबकि मार्च तिमाही में यह मार्जिन 24.9% रहा।

अन्य एनालिस्ट्स भी बुलिश हैं। Citi ने 'Buy' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹1,475 रखा है, जो कंपनी के मज़बूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और मार्जिन में हुई बढ़ोतरी को सकारात्मक बता रहा है। Macquarie ने 'Outperform' रेटिंग और ₹1,100 का टारगेट प्राइस दिया है, जो कि वैल्यू ऑन एम्बेडेड वैल्यू (RoEV) में स्थिरता और वैल्यूएशन सपोर्ट की ओर इशारा करता है। Bernstein ने 'Market Perform' रेटिंग के साथ ₹900 का टारगेट दिया है, जो रेवेन्यू ग्रोथ और प्रोडक्ट मिक्स से मार्जिन सुधार को दर्शाता है। LIC इंडिया के लिए औसत एनालिस्ट टारगेट प्राइस लगभग 1,045.54 INR है, जिसमें सबसे ज़्यादा अनुमान 1450 INR का है।

वैल्यूएशन और कॉम्पिटिशन

सकारात्मक एनालिस्ट सेंटिमेंट के बावजूद, कुछ चुनौतियाँ भी हैं। LIC का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 10.55 है, जिसे वैल्यू स्टॉक के तौर पर आकर्षक माना जा रहा है। हालांकि, इसकी तुलना लार्ज-कैप पियर्स से करने पर इसका वैल्यूएशन समझना होगा। HDFC Life Insurance Company Ltd., SBI Life Insurance Company Ltd., और ICICI Prudential Life Insurance Company Ltd. जैसी कंपनियाँ बाज़ार में बड़ा हिस्सा रखती हैं। तुलना के लिए, HDFC Bank का P/E करीब 20-25x और State Bank of India (SBI) का 15-20x है। LIC का तुलनात्मक रूप से कम P/E, प्राइवेट सेक्टर के इंसुरर्स की तुलना में भविष्य की ग्रोथ को लेकर बाज़ार की थोड़ी सावधानी दिखा सकता है।

इसके अलावा, LIC ने भले ही अपने प्रोडक्ट मिक्स में सुधार किया हो, लेकिन प्राइवेट इंसुरर्स ने ग्राहकों की ज़रूरतों को समझने और बिक्री व सेवा के लिए डिजिटल चैनलों का इस्तेमाल करने में ज़्यादा फुर्ती दिखाई है। पर्सिस्टेंसी रेश्यो, जो साल-दर-साल स्थिर है, एक महत्वपूर्ण मीट्रिक बना हुआ है, खासकर कुछ प्राइवेट ऑफर्स में देखे जाने वाले उच्च पर्सिस्टेंसी रेट्स के मुकाबले। LIC का विशाल ऑपरेशनल स्केल जहाँ एक ताकत है, वहीं यह कॉम्पिटिटर्स की तुलना में एजिलिटी और कॉस्ट मैनेजमेंट में चुनौतियाँ भी पेश कर सकता है।

भविष्य की ग्रोथ और शेयरधारक वैल्यू

आगे चलकर, एनालिस्ट्स LIC की स्थिर ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं। JM Financial के अनुसार, इंडिविजुअल एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवेलेंट (APE) ग्रोथ 10-12% रहने का अनुमान है, और ऑपरेटिंग रिटर्न ऑन एम्बेडेड वैल्यू (RoEV) 11-12% के बीच रहने की उम्मीद है। FY26 से FY28 तक एम्बेडेड वैल्यू में लगभग 14% की कंपाउंड एनुअल रेट से बढ़ोतरी का अनुमान है। भारतीय अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (IndAS) नॉर्म्स का आगामी कार्यान्वयन भी पारदर्शिता बढ़ाएगा। मज़बूत फाइनेंशियल रिजल्ट्स, बोनस इश्यू और ज़बरदस्त डिविडेंड भुगतान का यह मेल LIC को निवेशकों के लगातार इंटरेस्ट के लिए अच्छी स्थिति में रखता है, जिसे कई 'Buy' या 'Outperform' रेटिंग्स और ऊपर की ओर रिवाइज्ड टारगेट प्राइस से समर्थन मिल रहा है।

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