LIC Share: सरकारी हिस्सेदारी बिक्री पर बड़ा अपडेट, निवेशकों को मिली बड़ी राहत

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AuthorNeha Patil|Published at:
LIC Share: सरकारी हिस्सेदारी बिक्री पर बड़ा अपडेट, निवेशकों को मिली बड़ी राहत

Life Insurance Corporation of India (LIC) के CEO आर. दोरईस्वामी ने साफ कर दिया है कि निकट भविष्य में सरकार अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेगी। अगस्त में हुए **6.5%** के OFS के बाद यह निवेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है।

निवेशकों की चिंताएं दूर करते हुए LIC के मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी नई सरकारी हिस्सेदारी बिक्री की योजना नहीं है। CEO आर. दोरईस्वामी के इस बयान से उन शेयरधारकों को बड़ी राहत मिली है जो हालिया विनिवेश के बाद शेयर पर दबाव की आशंका जता रहे थे।

OFS के बाद आगे की रणनीति

अगस्त 2026 में सरकार ने 6.5% हिस्सेदारी को ₹382 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर OFS के जरिए बेचा था। यह कदम SEBI के मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने के लिए उठाया गया था। अब कंपनी का पूरा ध्यान ऑपरेशनल गोल्स और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर है।

डिजिटल बदलाव और मजबूत फाइनेंशियल

कंपनी अपने कामकाज को आसान बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। मैच्योरिटी क्लेम्स प्रोसेस को ऑटोमेट किया जा रहा है, जिससे कागजी कार्रवाई कम होगी और ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹57,419 करोड़ का दमदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि ICICI Bank जैसे शेयरों में निवेश मार्केट के मौके और कैश फ्लो की जरूरत के हिसाब से किया जाता है, न कि शॉर्ट-टर्म प्रॉफिट के लिए।

निवेशकों के लिए आगे क्या?

अब बाजार की नजर इस बात पर है कि कैसे कंपनी अपने नए रिटायरमेंट और प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स के जरिए मार्केट शेयर बढ़ाती है। हालांकि OFS का खतरा टल गया है, लेकिन भविष्य में मार्केट की स्थितियों को देखते हुए सरकारी विनिवेश के फैसलों पर नजर रखना जरूरी होगा। कंपनी अब अपने विशाल सेल्स फोर्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच तालमेल बिठाने पर जोर दे रही है, जो उसकी भविष्य की ग्रोथ के लिए निर्णायक साबित होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.