LIC का बड़ा फेरबदल: भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी में लगाई बड़ी बोली, इन शेयरों से घटाया हाथ

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
LIC का बड़ा फेरबदल: भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी में लगाई बड़ी बोली, इन शेयरों से घटाया हाथ

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC ने जून तिमाही में अपने पोर्टफोलियो में बड़ा फेरबदल किया है। LIC नेट खरीदार बनकर उभरी है और उसने भारती एयरटेल और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों में **₹16,578 करोड़** से ज़्यादा का निवेश किया है। वहीं, कंपनी ने कोल इंडिया और SBI में अपनी हिस्सेदारी कम की है।

LIC के पोर्टफोलियो में बड़ा बदलाव

देश की सबसे बड़ी संस्थागत निवेशक LIC ने जून तिमाही के दौरान अपने विशाल इक्विटी पोर्टफोलियो को नए सिरे से सजाया है। हालांकि, बीमाकर्ता नेट खरीदार बना रहा, लेकिन इस गतिविधि से उसके सेक्टर की प्राथमिकताओं में स्पष्ट बदलाव देखने को मिला है। LIC ने इक्विटी मार्केट में करीब ₹16,578 करोड़ का निवेश किया, जिसके साथ ही ₹13,400 करोड़ से अधिक की बिकवाली भी की।

किन शेयरों में की सबसे ज़्यादा खरीदारी?

खरीदारी की लिस्ट में भारती एयरटेल सबसे आगे रही, जिसमें करीब ₹2,721 करोड़ का निवेश किया गया। इसके बाद मारुति सुजुकी (₹2,267 करोड़) और ITC (₹1,742 करोड़) में भी महत्वपूर्ण नई खरीदारी की गई। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में भी LIC ने अपना निवेश बढ़ाया है। यह खरीदारी टेलीकॉम, ऑटोमोटिव और कंजम्पशन-लिंक्ड व्यवसायों जैसे सेक्टरों के प्रति रणनीतिक झुकाव का संकेत देती है, जिन्हें अक्सर डिफेंसिव या ग्रोथ-ओरिएंटेड प्ले माना जाता है।

किन शेयरों से घटाई हिस्सेदारी?

दूसरी ओर, LIC ने कई बड़ी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम की है। सबसे बड़ी कटौती कोल इंडिया में हुई, जहां बीमाकर्ता ने ₹2,271 करोड़ के शेयर बेचे। इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (SBI) (₹2,198 करोड़) और हिंदुस्तान यूनिलीवर (₹1,681 करोड़) में प्रॉफिट-बुकिंग या हिस्सेदारी में कमी की गई। बीमाकर्ता ने प्रमुख मेटल कंपनियों, जिनमें स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और टाटा स्टील शामिल हैं, में भी अपना एक्सपोजर कम किया।

बाजार हिस्सेदारी पर असर

निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि 30 जून तक NSE-लिस्टेड इक्विटी मार्केट में LIC की हिस्सेदारी घटकर 3.48% रह गई, जो पिछली तिमाही में 3.72% थी। यह गिरावट तब हुई जब उसके कुल इक्विटी होल्डिंग्स का मूल्य ₹1.17 लाख करोड़ बढ़कर ₹16.30 लाख करोड़ हो गया। यह अंतर दर्शाता है कि जहां LIC के पोर्टफोलियो का मूल्य बढ़ रहा है, वहीं ब्रॉडर स्टॉक मार्केट इंडेक्स तेज गति से बढ़ा है, जो बीमाकर्ता के हालिया स्टॉक चयनों के प्रदर्शन से आगे निकल गया है।

आगे क्या?

अब निवेशकों की निगाहें कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर टिकी हैं। Q1 FY27 की अर्निंग्स रिपोर्ट 6 अगस्त, 2026 को जारी होने वाली है, ऐसे में बाजार संभवतः मैनेजमेंट की टिप्पणियों को पोर्टफोलियो समायोजन और बीमा व्यवसाय पर उनके दृष्टिकोण को लेकर देखेगा। यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि संपत्ति आवंटन में ये बदलाव निगम की समग्र निवेश आय को कैसे प्रभावित करते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.