LIC के मुनाफे में दमदार उछाल, शेयरधारकों को मिला रिटर्न
लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 23.2% बढ़कर ₹23,420 करोड़ पर पहुंच गया है। इस ग्रोथ में नेट प्रीमियम इनकम का बड़ा योगदान रहा, जो 11.6% की बढ़ोतरी के साथ ₹1.7 लाख करोड़ तक पहुंच गई।
शेयरधारकों के लिए खुशखबरी
कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए ₹10 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड और 1:1 का बोनस इश्यू घोषित किया है। हालांकि, इन अच्छे नतीजों के बावजूद LIC के शेयर NSE पर ₹800.20 के आसपास सपाट बंद हुए। इससे लगता है कि बाजार पहले ही इन खबरों को भुना चुका है।
VNB और AUM में भी इजाफा
कंपनी की वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) में 41.63% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹14,179 करोड़ रही। इससे कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी और नए बिजनेस की ग्रोथ का पता चलता है। साथ ही, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी 5.1% का इजाफा हुआ और यह ₹57.3 लाख करोड़ पर पहुंच गया।
Valuation और Competition
LIC का मौजूदा प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो 8.77 से 10.6 के बीच है, जो इंडस्ट्री एवरेज 48.72 से काफी कम है। इससे यह संकेत मिलता है कि स्टॉक अंडरवैल्यूड हो सकता है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब $52.30 बिलियन USD यानी ₹5.06 लाख करोड़ है। वहीं, SBI Life Insurance, HDFC Life Insurance, और ICICI Prudential Life Insurance जैसी कंपनियां अक्सर ऊंचे P/E मल्टीपल पर ट्रेड करती हैं, जो उनकी ग्रोथ की संभावनाओं में बाजार के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
मार्केट शेयर और चुनौतियां
प्रॉफिट में बढ़ोतरी के बावजूद, LIC का फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम में मार्केट शेयर पिछले पांच सालों में 70.34% से घटकर 58.94% हो गया है। पॉलिसी बिक्री और परसिस्टेंसी रेट में भी मामूली गिरावट आई है। विश्लेषकों का मानना है कि LIC के VNB मार्जिन में सुधार और नॉन-पार्टिसिपेटिंग पॉलिसियों पर फोकस सकारात्मक है। ब्रोकरेज फर्म्स ने 'Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹1,045.54 रखा है। कंपनी के Banca और Alternate Channels (BAC) से प्रीमियम ₹5,000 करोड़ से अधिक रहा और इन चैनल्स में 45% से ज्यादा की ग्रोथ देखी गई।
आगे की राह
LIC की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बाजार में स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। 13वें महीने का परसिस्टेंसी रेशियो घटकर 67.77% हो गया है। पिछले पांच सालों में सेल्स ग्रोथ 7.19% रही है, जो इंडस्ट्री के मुकाबले कम है। फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम मार्केट शेयर में लगातार गिरावट और नई पॉलिसियों की बिक्री में कमी मुख्य चिंताएं हैं। इसके अलावा, कंपनी इंडियन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (IndAS) को अपनाने की तैयारी कर रही है, जिससे वित्तीय रिपोर्टिंग में जटिलता बढ़ सकती है।
विश्लेषक LIC के भविष्य को लेकर सतर्कता से आशावादी हैं और 'Buy' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹1,045.54 बरकरार रखा है। उम्मीद है कि कंपनी ऊंचे मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाकर और चैनल डाइवर्सिफिकेशन के जरिए ग्रोथ हासिल करेगी। IndAS नॉर्म्स का लागू होना भी एक महत्वपूर्ण आगामी घटनाक्रम है।
