LIC के मुनाफे और VNB में ज़बरदस्त तेज़ी
LIC ने इस अवधि में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी वित्तीय सेहत का दम दिखाया है। कंपनी का कुल प्रीमियम इनकम भी 9.02% बढ़कर ₹3,71,293 करोड़ हो गया है। इस ग्रोथ का बड़ा श्रेय ग्रुप बिजनेस (Group Business) में 13.56% की बढ़ोतरी और नॉन-पार्टिसिपेटिंग (Non-Par) और अल्टरनेट चैनल्स (Alternate Channels) जैसे बेहतर प्रोडक्ट मिक्स को जाता है।
मुनाफ़ा और मार्जिन में हुआ सुधार
दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में LIC का PAT ₹33,998 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹29,138 करोड़ था। VNB में 27.96% की मजबूत वृद्धि के साथ यह ₹8,288 करोड़ दर्ज किया गया। सबसे खास बात यह है कि नेट VNB मार्जिन 170 बेसिस पॉइंट बढ़कर 18.8% पर पहुंच गया है। कंपनी ने अपने खर्चे भी अच्छी तरह मैनेज किए हैं, जिससे ओवरऑल एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) 132 बेसिस पॉइंट गिरकर 11.65% पर आ गया।
AUM में बढ़ोतरी और मज़बूत सॉल्वेंसी
LIC का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी 8.01% बढ़कर ₹59,16,680 करोड़ हो गया है। कंपनी का सॉल्वेंसी रेशियो (Solvency Ratio) भी सुधरकर 2.19 हो गया है, जो कि 2.02 से बेहतर है।
बिज़नेस मिक्स में बड़ा बदलाव
VNB मार्जिन में सुधार के पीछे फेवरेबल यील्ड कर्व (favourable yield curve), जीएसटी (GST) का असर, बेहतर परसिस्टेंसी (persistency) और खर्चों में कमी जैसे कई कारण हैं। कंपनी के बिजनेस मिक्स में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। इंडिविजुअल APE (Annualised Premium Equivalent) में नॉन-पार्टिसिपेटिंग (Non-Par) उत्पादों का शेयर 27.68% से बढ़कर 36.46% हो गया है। वहीं, बैंकाश्योरेंस (Bancassurance) और अल्टरनेट चैनल्स (BAC) ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए अपनी नई बिजनेस प्रीमियम इनकम में 66.74% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹3,341.37 करोड़ पर पहुंच गई।
एनालिस्ट्स के सवाल और मैनेजमेंट का जवाब
कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान, एनालिस्ट्स ने मैनेजमेंट से खर्चों में अंतर, खासकर जीएसटी (GST) के प्रभाव और परसिस्टेंसी (persistency) ट्रेंड्स के बारे में सवाल पूछे। मैनेजमेंट ने समझाया कि भले ही ओवरऑल एक्सपेंस रेशियो कम हो रहा है, लेकिन कुछ बिजनेस लाइन्स में वर्तमान अनुभव दिख सकते हैं। उन्होंने पॉलिसियों की परसिस्टेंसी (persistency) को बेहतर बनाने के लिए चल रहे पहलों, जैसे प्रोडक्ट रिवीजन (product revisions) और रिवाइवल कैंपेन (revival campaigns) के बारे में भी विस्तार से बताया। डिविडेंड (Dividend) पॉलिसी और सरकार की हिस्सेदारी कम करने की अनिवार्यता पर भी सवाल उठे।
आगे के लिए आउटलुक और चुनौतियां
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, LIC के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। फर्स्ट ईयर प्रीमियम इनकम (First Year Premium Income) में मार्केट शेयर में मामूली गिरावट ( 57.42% से 57.07% ) और कुछ पॉलिसी कोहोर्ट्स (policy cohorts) में परसिस्टेंसी (persistency) का थोड़ा गिरना ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर नजर रखने की जरूरत है। मैनेजमेंट परसिस्टेंसी को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
आगे का आउटलुक (Outlook) सकारात्मक बना हुआ है। डिजिटल पहलों, जैसे ANANDA ऐप, के जरिए पॉलिसी की बिक्री बढ़ रही है। LIC एक हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाने जैसी रणनीतिक संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। कंपनी की डिविडेंड (Dividend) पॉलिसी और उसकी निरंतरता बोर्ड के लिए महत्वपूर्ण फोकस एरिया हैं। साथ ही, 2027 तक सरकार की हिस्सेदारी को 90% तक कम करने की अनिवार्यता का मतलब है कि भविष्य में हिस्सेदारी में और कमी आ सकती है, जिस पर निवेशकों को ध्यान देना होगा।