LIC Housing Finance ने FY2027 तक अपना लोन पोर्टफोलियो ₹3.5 लाख करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। मार्जिन बचाने के लिए कंपनी ने ब्याज दरों में **25 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी कर दी है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
LIC Housing Finance अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है। अब कंपनी पारंपरिक होम लोन के बजाय अधिक मुनाफे वाले 'नॉन-होम लोन' प्रोडक्ट्स, जैसे कि Loans Against Property (LAP) और Lease Rental Discounting (LRD) पर जोर दे रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि फाइनेंशियल ईयर के अंत तक कुल पोर्टफोलियो में इन प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 20% हो जाए।
प्रोजेक्ट फाइनेंस पर फोकस
कंपनी का ध्यान अब प्रोजेक्ट फाइनेंस की ओर भी है, जिसके लिए इस साल ₹4,000 करोड़ के नए सैंक्शंस का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, यह सेगमेंट कंपनी के लिए आय का बड़ा जरिया बन सकता है, लेकिन डेवलपर्स को लोन देने में रिस्क और क्रेडिट क्वालिटी से जुड़ी चुनौतियां भी बरकरार रहती हैं, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
फाइनेंशियल हेल्थ और मार्जिन का दबाव
सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,508.78 करोड़ रहा। फिलहाल कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन 2.6% के आसपास दबाव में हैं। एसेट क्वालिटी की बात करें, तो ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 2.05% से 2.5% के दायरे में हैं।
पिछले 12 महीनों में कंपनी के शेयर में लगभग 13% से 14% की गिरावट आई है, जो मार्केट में ब्याज दरों को लेकर बढ़ी अनिश्चितता को दर्शाता है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या कंपनी लोन बुक की क्वालिटी खराब किए बिना अपनी रणनीति को सफलतापूर्वक लागू कर पाती है या नहीं।
