फिनटेक कंपनी Cred के फाउंडर कुणाल शाह ने कंपनी के प्रमोटर और बोर्ड मेंबर पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उनके WhatsApp के ग्लोबल CEO बनने के बाद आया है। हालांकि, कुणाल शाह कंपनी में **20%** हिस्सेदारी के साथ पब्लिक शेयरहोल्डर बने रहेंगे। इसी बीच, Meta (WhatsApp की पैरेंट कंपनी) ने Cred में **$4.5 बिलियन** के वैल्यूएशन पर **₹8,550 करोड़** का निवेश किया है।
Cred के नेतृत्व में बड़ा बदलाव
Cred के फाउंडर कुणाल शाह ने कंपनी के प्रमोटर और बोर्ड मेंबर के पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है। यह बदलाव 22 जून 2026 से प्रभावी है। इस कदम से कंपनी के नेतृत्व ढांचे में एक बड़ा बदलाव आया है, क्योंकि शाह ने 8 साल पहले Cred की स्थापना की थी। उन्होंने अपनी 11.14% प्रमोटर शेयरहोल्डिंग को पब्लिक शेयर्स में बदल दिया है, लेकिन वे व्यक्तिगत होल्डिंग्स और अपनी फैमिली इन्वेस्टमेंट व्हीकल QED Innovation Labs LLP के ज़रिए कंपनी में करीब 20% हिस्सेदारी बनाए रखेंगे।
Meta का बड़ा निवेश और वैल्यूएशन
यह मैनेजमेंट बदलाव Meta Platforms, Inc. से नए कैपिटल इंजेक्शन के साथ हुआ है। 22 जून को Meta ने Cred में करीब ₹8,550 करोड़ का निवेश किया, जिससे कंपनी की 20% हिस्सेदारी हासिल की और $4.5 बिलियन का वैल्यूएशन मिला। यह निवेश कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह बाजार के उतार-चढ़ाव वाले वैल्यूएशन के दौर के बाद आया है। Cred का वैल्यूएशन 2022 की फंडिंग राउंड में $6.4 बिलियन था, जो मई 2025 में घटकर $3.5 बिलियन हो गया था और दिसंबर 2025 तक इंटरनल वैल्यूएशन $1.2 बिलियन आंका गया था। मौजूदा $4.5 बिलियन का आंकड़ा पिछली गिरावटों से एक रिकवरी दर्शाता है।
Cred का बिज़नेस मॉडल और वित्तीय स्थिति
2018 में स्थापित Cred, क्रेडिट कार्ड पेमेंट्स के लिए रिवॉर्ड-बेस्ड प्लेटफॉर्म पर अपना बिज़नेस मॉडल बनाती है। कंपनी अपने 1.7 करोड़ मासिक एक्टिव यूजर्स को लोन, अतिरिक्त क्रेडिट प्रोडक्ट्स और विज्ञापन की जगह ऑफर करके रेवेन्यू जेनरेट करती है। भले ही यह स्टार्टअप भारत के क्रेडिट कार्ड पेमेंट्स का एक बड़ा हिस्सा प्रोसेस करता है, लेकिन इसे अपनी लॉन्ग-टर्म वित्तीय व्यवहार्यता साबित करने के लिए लगातार दबाव का सामना करना पड़ा है। फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, कंपनी ने ₹2,535.7 करोड़ का रेवेन्यू और ₹1,692.1 करोड़ का नेट लॉस रिपोर्ट किया था। इन सालाना नुकसानों के बावजूद, मैनेजमेंट ने हाल ही में बताया कि कंपनी ने जनवरी से मार्च 2026 की अवधि के लिए एक प्रॉफिटेबल क्वार्टर हासिल किया है।
आगे क्या उम्मीदें?
अब निवेशक और बाजार विश्लेषक यह देखेंगे कि कुणाल शाह के सीधे बोर्ड की निगरानी के बिना Cred अपने नए लीडरशिप स्ट्रक्चर के तहत कैसा प्रदर्शन करती है। एक मुख्य सवाल यह होगा कि क्या कंपनी इस साल की पहली तिमाही में देखे गए पॉजिटिव प्रॉफिट ट्रेंड को बनाए रख पाती है या नहीं। इसके अलावा, Meta के निवेश का इंटीग्रेशन और भविष्य में होने वाले किसी भी ऑपरेशनल बदलाव पर निवेशकों की नज़रें रहेंगी, क्योंकि कंपनी लगातार सालाना प्रॉफिटेबिलिटी की दिशा में अपने रास्ते पर आगे बढ़ रही है।
