Krasha Financial Services साल 2026 के अंत तक भारत में एक नया Litigation Finance प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी में है। यह प्लेटफॉर्म **$1 करोड़ (लगभग $10 मिलियन)** से अधिक के कमर्शियल विवादों पर केंद्रित होगा।
क्या है यह नया बिजनेस मॉडल?
Krasha Financial का यह नया प्लेटफॉर्म 2026-27 फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही में लॉन्च हो सकता है। यह मॉडल उन लोगों या कंपनियों को कैपिटल प्रोवाइड करेगा जो कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर वे केस जीतते हैं, तो सेटलमेंट का एक हिस्सा कंपनी को मिलेगा। इस जटिल काम के लिए कंपनी एक यूके-बेस्ड एक्सपर्ट के साथ पार्टनरशिप करने की एडवांस चर्चा कर रही है ताकि 'केस अंडरराइटिंग' को बेहतर बनाया जा सके।
रियल एस्टेट और प्राइवेट क्रेडिट पर जोर
Litigation Finance के अलावा, कंपनी अपने रियल एस्टेट और प्राइवेट क्रेडिट पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। खास तौर पर मुंबई और एनसीआर जैसे बड़े मेट्रो शहरों में कंपनी की नजर है। कंपनी का लक्ष्य 2027 फाइनेंशियल ईयर के दौरान लगभग ₹1,200 करोड़ डिप्लॉय करने का है। इसके साथ ही, कंपनी 'Prism Strategy' नाम से एक कैटेगरी-II का Alternative Investment Fund भी ला रही है, जिसके जरिए $6 करोड़ से $7 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
निवेश के जोखिम (Risk Factors)
Litigation Finance पारंपरिक लेंडिंग से बिल्कुल अलग है। यहाँ रिटर्न पूरी तरह से कोर्ट के फैसले या आर्बिट्रेशन पर निर्भर करता है। अगर केस हारते हैं, तो पूरा पैसा डूबने का खतरा बना रहता है। भारत में अभी यह मार्केट काफी नया है, इसलिए रेगुलेटरी हिस्ट्री सीमित है। साथ ही, भारत में कानूनी मामलों के निपटारे में सालों लग जाते हैं, जिससे कैपिटल ब्लॉक होने की संभावना बनी रहती है।
