Kotak Mahindra Bank अब केवल लोन देने वाला बैंक नहीं, बल्कि एक स्ट्रैटेजिक पार्टनर बन रहा है। बैंक IIT कैंपस में SME लीडर्स को AI की ट्रेनिंग दे रहा है ताकि ग्राहकों का बिजनेस बेहतर हो और बैंक का क्रेडिट रिस्क घट सके।
Kotak Mahindra Bank ने अपने SME ग्राहकों के साथ जुड़ने का एक नया तरीका अपनाया है। बैंक अब नामी IIT कैंपस में AI इंटीग्रेशन वर्कशॉप आयोजित कर रहा है, जिससे छोटे और मध्यम व्यवसायों के मालिक अपनी कार्यकुशलता बढ़ा सकें और अपने मॉडल्स को आधुनिक बना सकें।
निवेशकों के लिए बड़ी सीख
निवेशकों के नजरिए से देखें, तो यह बैंक के बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव है। बैंक अब सिर्फ कैपिटल प्रदाता नहीं, बल्कि एक इंटेलेक्चुअल पार्टनर बनना चाहता है। इसका सीधा फायदा बैंक को यह होगा कि अगर ग्राहक का बिजनेस AI के जरिए बेहतर और स्टेबल बनता है, तो बैंक का लंबे समय का क्रेडिट रिस्क कम होगा और एसेट क्वालिटी मजबूत रहेगी।
आंतरिक बदलाव और दक्षता
बैंक खुद भी इंटरनल ऑपरेशंस में AI का खूब इस्तेमाल कर रहा है। बैंक ने अपनी लोन प्रोसेसिंग में मशीन लर्निंग का उपयोग शुरू किया है, जिससे लोन देने की प्रक्रिया 60% तक तेज हो गई है। अब SME लोन 7.5 हफ्ते के बजाय केवल 2.5 हफ्ते में प्रोसेस हो जाते हैं।
चुनौतियां और रिस्क
बैंक के आंकड़े अच्छे दिख रहे हैं, जैसे कि सितंबर 2025 तक SME एडवांसेज में 16% की ग्रोथ और अक्टूबर 2026 तक नेट एडवांसेज में 24.7% का उछाल। हालांकि, रिटेल कमर्शियल व्हीकल और SME लोन पोर्टफोलियो में तनाव (Stress) के संकेत भी मिले हैं, जिसके कारण मैनेजमेंट ने लोन बांटने में सावधानी बरतने का फैसला किया है। इसके अलावा, AI के साथ आने वाले साइबर खतरों और पुराने सिस्टम (Legacy Infrastructure) को नए टूल्स के साथ जोड़ने की चुनौती भी बैंक के सामने बनी हुई है। निवेशकों को यह देखना होगा कि यह एजुकेशन पहल आगे चलकर लोन की वसूली और क्वालिटी में कितना सुधार लाती है।
