Kotak Mahindra Bank ने जून 2026 तिमाही के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट **22.6%** बढ़कर **₹5,480.46 करोड़** रहा। लोन में मजबूत ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार के चलते यह शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, भले ही नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) में थोड़ी गिरावट आई हो।
पहली तिमाही में बैंक का प्रदर्शन कैसा रहा?
Kotak Mahindra Bank ने शनिवार को 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजे घोषित किए। बैंक ने ₹5,480.46 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह आंकड़ा ₹4,472.18 करोड़ था, जो 22.55% की बढ़ोतरी दर्शाता है। वहीं, स्टैंडअलोन बेसिस पर, बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4,122.96 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹3,281.68 करोड़ था।
कमाई और मार्जिन पर क्या है अपडेट?
लोन से होने वाली बैंक की मुख्य आय, जिसे नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) कहते हैं, 9% बढ़कर ₹7,928 करोड़ रही। हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) - जो लोन पर कमाए गए ब्याज और डिपॉजिट पर दिए गए ब्याज के बीच का अंतर है - 4.53% पर आ गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह 4.65% और पिछली तिमाही में 4.67% था। इससे पता चलता है कि फंड जुटाने की लागत कमाई की तुलना में थोड़ी बढ़ी है।
डिपॉजिट और एडवांसेज में कितनी हुई ग्रोथ?
बैंक ने डिपॉजिट जुटाने पर खास ध्यान दिया, जिसके चलते कुल डिपॉजिट 14% बढ़कर ₹5.59 लाख करोड़ हो गए। इनमें करंट अकाउंट डिपॉजिट 15% बढ़कर ₹78,107 करोड़ रहे, जो आमतौर पर बैंक की फंड की लागत को कम करने में मदद करते हैं। लोन देने की गतिविधि भी बढ़ी है; कुल एडवांसेज (Advances) एक साल पहले के ₹4.59 लाख करोड़ की तुलना में 15% बढ़कर ₹5.28 लाख करोड़ हो गए। इसके अलावा, बैंक की फी और सर्विस इनकम में 11% की वृद्धि हुई, जो ₹2,500 करोड़ तक पहुंच गई।
एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
एसेट क्वालिटी यानी लोन की गुणवत्ता के मामले में बैंक ने जून तिमाही में सुधार दिखाया है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेशियो, जो खराब लोन का अनुपात बताता है, 30 जून 2026 तक घटकर 1.18% हो गया। यह पिछले साल की इसी अवधि के 1.48% और 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के 1.20% से बेहतर है।
आगे क्या उम्मीद करें?
निवेशक अब बैंक की अगली तिमाहियों में मार्जिन बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखेंगे, खासकर तब जब बैंकिंग सेक्टर में डिपॉजिट के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। आगे चलकर लोन ग्रोथ की स्थिरता और क्रेडिट कॉस्ट के ट्रेंड पर भी ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि बैंक मौजूदा ब्याज दर के माहौल में आगे बढ़ रहा है।
