IDBI विनिवेश में Kotak की बड़ी सफाई!
सरकार की IDBI Bank को बेचने की प्रक्रिया में अब तक का सबसे बड़ा अपडेट आया है। डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने IDBI Bank के विनिवेश (Disinvestment) के लिए फाइनेंशियल बिड मिलने की पुष्टि कर दी है। लेकिन इसी बीच, 6 फरवरी 2026 को Kotak Mahindra Bank ने एक बड़ा खुलासा करते हुए साफ कर दिया है कि उसने IDBI Bank के लिए कोई भी फाइनेंशियल बिड (Financial Bid) जमा नहीं की है। यह स्पष्टीकरण मीडिया में चल रही उन अटकलों के जवाब में आया है, जिनमें Kotak Mahindra Bank को अंतिम बोलीदाताओं में से एक बताया जा रहा था। इस खबर के चलते Kotak Mahindra Bank के शेयर में 3.33% की जोरदार तेजी देखी गई और यह ₹422.35 के स्तर पर बंद हुआ। सरकार और LIC मिलकर IDBI Bank में अपनी करीब 61% हिस्सेदारी बेच रही हैं, और DIPAM ने बताया है कि प्राप्त बिड्स का मूल्यांकन तय प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।
मार्केट का रिएक्शन और वैल्युएशन
Kotak Mahindra Bank के इस बयान का असर न सिर्फ उसके अपने शेयर पर दिखा, बल्कि IDBI Bank के शेयर में भी 3.77% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹106.86 पर बंद हुआ। Kotak Mahindra Bank का मार्केट कैप फिलहाल करीब ₹4.20 लाख करोड़ है, और इसका P/E रेश्यो 22.35 है। वहीं, IDBI Bank का मार्केट कैप लगभग ₹1.11 ट्रिलियन के आसपास है, जबकि इसका P/E रेश्यो 12.37 है। यह IDBI Bank को अन्य बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंकों जैसे HDFC Bank (P/E 19.61) और ICICI Bank (P/E 18.87) के मुकाबले काफी आकर्षक वैल्यूएशन पर दिखाता है। कुल मिलाकर, भारतीय बैंकिंग सेक्टर इस वक्त काफी मजबूत और लचीला दिख रहा है। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, बैंकिंग सेक्टर का NPA लेवल 2.2% के निचले स्तर पर है, और Return on Assets (ROA) 1.3% पर बना हुआ है।
स्ट्रेटेजिक मतभेद और रिस्क
Kotak Mahindra Bank के इस अचानक इंकार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि Kotak Mahindra Bank, Emirates NBD और Fairfax India Holdings जैसे बड़े नामों के साथ IDBI Bank की बोली लगाने की दौड़ में शामिल थी। Kotak का इस प्रक्रिया से हटना यह दर्शाता है कि या तो बैंक की स्ट्रेटेजी (Strategy) में कोई बड़ा बदलाव आया है, या फिर IDBI Bank की वैल्यूएशन (Valuation) या डील की शर्तों को लेकर कोई मतभेद रहा होगा। Kotak Mahindra Bank पर ₹11.75 लाख करोड़ से ज्यादा की कंटिंजेंट लायबिलिटीज (Contingent Liabilities) भी हैं, जो इस समय के रेगुलेटरी माहौल को देखते हुए महत्वपूर्ण हो जाती हैं। IDBI Bank के विनिवेश की प्रक्रिया में एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risks) भी जुड़े हुए हैं, जिसमें अतीत में कर्मचारियों का विरोध भी शामिल रहा है। सरकार का लक्ष्य FY27 तक इस प्राइवेटाइजेशन (Privatization) को पूरा करना है, लेकिन किसी भी अप्रत्याशित चुनौती से इसमें देरी हो सकती है।
आगे क्या?
DIPAM द्वारा फाइनेंशियल बिड मिलने की पुष्टि से IDBI Bank का विनिवेश प्रोसेस अभी भी सक्रिय है। हालांकि, Kotak Mahindra Bank के इस फैसले से बिडिंग की रेस का समीकरण जरूर बदल गया है। Kotak Mahindra Bank के लिए, यह कदम उनकी अपनी स्ट्रेटेजी पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का संकेत हो सकता है, जैसा कि उनके शेयर में आई सकारात्मक प्रतिक्रिया से भी जाहिर होता है। एनालिस्ट्स का Kotak Mahindra Bank के लिए औसत प्राइस टारगेट ₹515.25 है, जो बैंक की अपनी ग्रोथ संभावनाओं पर उनका भरोसा दिखाता है।