IDBI Bank के विनिवेश (Disinvestment) की प्रक्रिया में एक बड़ा कन्फ्यूजन पैदा हो गया है, क्योंकि Kotak Mahindra Bank ने IDBI Bank के लिए बोली (Bid) लगाने से साफ़ इनकार कर दिया है। यह उस वक्त हुआ जब DIPAM (निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग) ने 6 फरवरी, 2026 को कन्फर्म किया था कि IDBI Bank के लिए फाइनेंशियल बिड्स (Financial Bids) मिल चुकी हैं।
Kotak Mahindra Bank ने 7 फरवरी, 2026 को एक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि उसने IDBI Bank के लिए कोई फाइनेंशियल बिड सबमिट नहीं की है। यह सीधे तौर पर इकोनॉमिक टाइम्स (ET) और अन्य मीडिया माध्यमों की उन रिपोर्ट्स के विपरीत था, जिनमें Kotak Mahindra Bank और Fairfax Financial को सक्रिय बोलीदाताओं के रूप में बताया जा रहा था।
इसी बीच, DIPAM ने 6 फरवरी, 2026 को यह पुष्टि की थी कि IDBI Bank की हिस्सेदारी बेचने के लिए फाइनेंशियल बिड्स प्राप्त हो गई हैं और उनका मूल्यांकन (Evaluation) चल रहा है।
इस खबर के चलते 6 फरवरी, 2026 को IDBI Bank के शेयर में लगभग 3.77% का उछाल आया और यह ₹106.86 पर बंद हुआ। वहीं, Kotak Mahindra Bank के शेयरों में 3.35% की तेज़ी देखी गई और यह ₹422.35 पर बंद हुआ, जिसने बाज़ार से बेहतर प्रदर्शन किया।
सरकार और LIC मिलकर IDBI Bank में अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इस डील से सरकार को करीब ₹33,000 करोड़ मिलने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया अक्टूबर 2022 में शुरू हुई थी और इसमें कई बार देरी हो चुकी है।
RBI ने पहले Kotak Mahindra Bank, Fairfax India Holdings, Emirates NBD और Oaktree Capital को 'फिट एंड प्रॉपर' बिडर्स के तौर पर मंजूरी दी थी। हालांकि, Emirates NBD के RBL Bank में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बाद अब उसके इस दौड़ से बाहर होने की संभावना है। ऐसे में Fairfax Financial, जो संभावित ऑल-कैश ऑफर के साथ आगे चल रहा है, और Kotak Mahindra Bank (अपने इनकार के बावजूद) मुख्य खिलाड़ी माने जा रहे थे।
IDBI Bank का P/E रेश्यो 11.93 से 13.8 के बीच है, और 5 फरवरी, 2026 तक इसकी मार्केट कैप लगभग ₹1.11 ट्रिलियन INR थी। दूसरी ओर, Kotak Mahindra Bank का P/E रेश्यो 22.35 से 22.4 के बहुत ऊँचे स्तर पर है, जिसकी मार्केट कैप लगभग ₹4.2 ट्रिलियन INR है। एनालिस्ट्स ने Kotak Mahindra Bank के लिए 22% तक के अपसाइड का टारगेट दिया है, लेकिन जनवरी 2026 की शुरुआत में इसके Mojo स्कोर को 'Buy' से 'Hold' पर डाउनग्रेड किया गया था।
IDBI Bank के विनिवेश में इतनी लंबी देरी और विरोधाभासी बयानों से बड़े जोखिम नज़र आते हैं। लंबी समय-सीमा, बोलीदाताओं की उम्मीदों और सरकारी मूल्यांकन में अंतर, या जटिल नियामक स्वीकृतियां (जैसे RBI, CCI, और अल्पसंख्यक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर) इस प्रक्रिया को मुश्किल बना सकती हैं। यहाँ तक कि सरकार ने SEBI से न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी (Minimum Public Shareholding) के नियमों में छूट का अनुरोध भी किया है, जो इस डील की जटिलता को दर्शाता है।
DIPAM ने संकेत दिया है कि फाइनेंशियल बिड्स का मूल्यांकन जारी है और विजेता के नाम का ऐलान मार्च 2026 के अंत तक हो सकता है। यह पूरी प्रक्रिया मौजूदा फाइनेंशियल ईयर, FY26 में समाप्त होने की उम्मीद है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स FY27 तक भी इसे ले जा रही हैं।