Kotak Mahindra Bank एक बड़ी मुश्किल में फंसा नजर आ रहा है। बैंक पर पंचकुला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (Municipal Corporation of Panchkula) के ₹150 करोड़ के फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposits) में कथित वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा है। यह पूरा मामला बैंक की पंचकुला ब्रांच से जुड़ा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब भारतीय बैंकिंग सेक्टर में प्राइवेट बैंकों द्वारा सार्वजनिक फंड के प्रबंधन पर नियामक जांच (regulatory scrutiny) तेज हो गई है। इसी कड़ी में, हरियाणा सरकार ने प्राइवेट बैंकों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत, अब प्राइवेट बैंकों को सार्वजनिक फंड के साथ जुड़े नए खाते खोलने से पहले वित्त विभाग (Finance Department) से पूर्व मंजूरी लेनी होगी। यह फैसला IDFC First Bank जैसे बैंकों में पहले सामने आई समान समस्याओं के बाद लिया गया है।
Kotak Mahindra Bank ने मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि वह खातों का मिलान (Reconciling Accounts) कर रहा है और इस संबंध में पुलिस में एक शिकायत भी दर्ज कराई है। बैंक का कहना है कि उसकी 'नो योर कस्टमर' (KYC) प्रक्रिया और आंतरिक सिस्टम पूरी तरह से नियमों का पालन करते हैं, और सभी ट्रांजैक्शन (Transactions) नियमानुसार हुए हैं। बैंक ने यह भी बताया कि खातों के मिलान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पहले ही पूरा किया जा चुका है।
हालांकि, यह खबर बैंक के शेयर के लिए मिली-जुली रही। बुधवार, 25 मार्च 2026 को Kotak Mahindra Bank के शेयर 0.97% की तेजी के साथ ₹370.40 पर बंद हुए। इससे एक दिन पहले, मंगलवार, 25 मार्च 2026 को भी शेयर 2.45% चढ़कर ₹376 पर कारोबार कर रहे थे। यह हालिया उछाल पिछले एक साल के प्रदर्शन से बिल्कुल अलग है, जहां बैंक का शेयर 14% से अधिक लुढ़का है। यह Nifty Bank इंडेक्स के करीब 4% के लाभ से काफी पिछड़ गया था। 23 मार्च 2026 को शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹355.30 पर भी पहुंच गया था, जो बिकवाली के भारी दबाव का संकेत दे रहा था। आनंद राठी (Anand Rathi) के विश्लेषकों (Analysts) ने भी अल्पकालिक (short-term) तौर पर शेयर में मंदी (bearish trend) के संकेत देखे हैं।
24 मार्च 2026 तक, Kotak Mahindra Bank का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो लगभग 19.54 था, जबकि मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalisation) करीब ₹3.73 ट्रिलियन पर था। यह वैल्यूएशन (Valuation) इसके साथियों जैसे Axis Bank (P/E ~14.8x), ICICI Bank (~17.4x), और HDFC Bank (~17.5x) की तुलना में अधिक है। IDFC First Bank, जिसने ₹590 करोड़ की बड़ी गड़बड़ी बताई थी, लगभग 33-34x के P/E पर ट्रेड कर रहा है। मौजूदा समय में पूरा भारतीय बैंकिंग सेक्टर मुश्किल हालात से गुजर रहा है। फरवरी 2026 तक क्रेडिट ग्रोथ 14.9% सालाना रही, लेकिन बैंक डिपॉजिट जुटाने के बजाय लिक्विडिटी बफ़र्स (liquidity buffers) पर ज्यादा निर्भर हो रहे हैं, जिसके चलते क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेश्यो 82% पर आ गया है। मार्च 2026 में आई लिक्विडिटी की कमी को एडवांस टैक्स पेमेंट्स और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के फॉरेन एक्सचेंज ऑपरेशंस (foreign exchange operations) ने और बढ़ा दिया। Nomura की 24 मार्च 2026 की एक रिपोर्ट में सेक्टर के लिए फंडिंग कॉस्ट (funding costs) बढ़ने और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में धीमी रिकवरी की आशंका जताई गई थी।
यह ₹150 करोड़ की कथित अनियमितता, सार्वजनिक फंड की सुरक्षा और निवेशकों के विश्वास को लेकर चिंताओं को और बढ़ाती है, खासकर Kotak Mahindra Bank के पिछले नियामक मुद्दों (regulatory issues) को ध्यान में रखते हुए। RBI ने अप्रैल 2024 में IT सुरक्षा में खामियों के कारण Kotak Mahindra Bank पर जुर्माना भी लगाया था, जिससे स्टॉक की कीमतों में गिरावट आई थी और टारगेट प्राइस (Target Price) कम किए गए थे। यह घटना बैंक की परिचालन अनुपालन (operational compliance) की पुरानी चुनौतियों की ओर इशारा करती है।
इन सब के बावजूद, विश्लेषकों (Analysts) का Kotak Mahindra Bank के प्रति नजरिया सकारात्मक बना हुआ है। Nomura ने 24 मार्च 2026 को स्टॉक को 'Buy' रेटिंग देते हुए ₹445 का टारगेट प्राइस तय किया था। अन्य विश्लेषकों ने औसत टारगेट प्राइस ₹515.25 का अनुमान लगाया है, जो हाल के ट्रेडिंग स्तरों से 36% से अधिक की संभावित बढ़ोतरी दिखाता है। MarketsMojo ने 2 मार्च 2026 को अपनी रेटिंग को 'Hold' में बदल दिया था, जो बैंक के मजबूत फंडामेंटल्स (strong fundamentals) और मौजूदा चुनौतियों का संतुलित आकलन दर्शाता है। निवेशक और नियामक बैंक के खातों के मिलान के प्रयासों और जांच के साथ उसके सहयोग पर बारीकी से नजर रखेंगे।