Keynote Financial: Q3 में आया बम्पर Profit, पर 9 महीने का हाल फीका | शेयर पर क्या है आगे की चाल?

BANKINGFINANCE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Keynote Financial: Q3 में आया बम्पर Profit, पर 9 महीने का हाल फीका | शेयर पर क्या है आगे की चाल?
Overview

Keynote Financial Services ने Q3 FY26 में एक दमदार वापसी की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (Profit) जहां पिछले साल के घाटे से निकलकर **₹401.14 लाख** पर पहुंच गया, वहीं कंसोलिडेटेड इनकम (Income) में **83%** का शानदार उछाल देखा गया।

Q3 में दमदार वापसी, पर 9 महीने का प्रदर्शन मिलाजुला

Keynote Financial Services Limited ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के अनऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे (Financial Results) पेश किए हैं। नतीजों के मुताबिक, कंपनी ने Q3 में शानदार टर्नअराउंड (Turnaround) दिखाया है, लेकिन नौ महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदर्शन मिलाजुला रहा है।

कंसोलिडेटेड नतीजे (Consolidated Performance):

तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर, Keynote Financial का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंसोलिडेटेड टोटल इनकम (Total Income) में साल-दर-साल (YoY) 83.0% का बड़ा उछाल आया और यह ₹1311.14 लाख पर पहुंच गई। एक्सेप्शनल आइटम (Exceptional Item) को छोड़ दें तो प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 51.3% की ग्रोथ देखी गई, जो ₹557.86 लाख रहा। नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के लागू होने से जुड़े ₹79.10 लाख के एक्सेप्शनल आइटम को एडजस्ट करने के बाद, PBT 30.1% बढ़कर ₹478.76 लाख हो गया। सबसे खास बात यह है कि नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की Q3 में ₹1.47 लाख के घाटे से निकलकर इस बार ₹401.14 लाख का पॉजिटिव प्रॉफिट दर्ज किया गया। इसी के साथ, अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी सुधरकर ₹8.07 हो गया, जो पिछले साल ₹(1.69) था।

हालांकि, नौ महीनों (9-months) के आंकड़े थोड़े अलग तस्वीर पेश करते हैं। इस अवधि में कंसोलिडेटेड टोटल इनकम में 8.1% की गिरावट आई और यह ₹2910.78 लाख पर आ गई। PBT में भी 21.2% की कमी आई, जो ₹1623.72 लाख रहा। एक्सेप्शनल आइटम के बाद PBT 28.4% गिरकर ₹1564.62 लाख रहा। फिर भी, एसोसिएट कंपनी के प्रॉफिट शेयर के चलते, नौ महीनों के लिए नेट प्रॉफिट में 10.9% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹1613.89 लाख दर्ज किया गया। EPS बढ़कर ₹28.99 हो गया।

स्टैंडअलोन नतीजे (Standalone Performance):

स्टैंडअलोन (Standalone) नतीजों में भी Q3 FY26 में कंपनी ने मजबूत रिकवरी दिखाई। टोटल इनकम में 219.2% का भारी उछाल आया और यह ₹270.61 लाख रही। PBT पिछले साल के ₹81.83 लाख के घाटे से सुधरकर ₹66.20 लाख के प्रॉफिट में आ गया। लेबर कोड्स से जुड़े ₹35.44 लाख के एक्सेप्शनल आइटम को एडजस्ट करने के बाद PBT ₹34.18 लाख रहा। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट भी घाटे से निकलकर ₹16.17 लाख पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹80.32 लाख के घाटे में था। EPS सुधरकर ₹0.29 हो गया।

नौ महीनों के स्टैंडअलोन नतीजों की बात करें तो टोटल इनकम में मामूली 0.4% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹1008.24 लाख रही। PBT में 12.2% की गिरावट आई। एक्सेप्शनल आइटम के बाद PBT 42.0% गिरकर ₹358.30 लाख रहा। नेट प्रॉफिट में 29.2% की गिरावट आई और यह ₹264.44 लाख पर आ गया।

लेबर कोड्स का असर और आगे का रास्ता

कंपनी के कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन दोनों नतीजों में नए लेबर कोड्स के इम्प्लीमेंटेशन से जुड़े एक्सेप्शनल आइटम शामिल हैं, जिनकी कुल राशि क्रमशः ₹79.10 लाख और ₹35.44 लाख रही। कंपनी ने कहा है कि जैसे-जैसे संबंधित नियम नोटिफाई होंगे, इस पर और मूल्यांकन किया जाएगा।

यह भी गौर करने वाली बात है कि नतीजों के साथ कंपनी ने भविष्य के लिए कोई खास आउटलुक (Outlook), बैलेंस शीट (Balance Sheet) या कैश फ्लो (Cash Flow) का डेटा जारी नहीं किया है, जिससे निकट भविष्य के लिए तस्वीर थोड़ी अस्पष्ट बनी हुई है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.