Karur Vysya Bank ने फाइनेंशियल ईयर 2027 तक अपने क्रेडिट बुक में **18-20%** की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। बैंक अब रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME बिजनेस को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
ग्रोथ की नई राह
पिछले फाइनेंशियल ईयर में 16% की ग्रोथ हासिल करने के बाद, Karur Vysya Bank अब और भी आक्रामक रुख अपना रहा है। बैंक का लक्ष्य 2027 तक अपने कुल क्रेडिट पोर्टफोलियो को 18-20% की रफ्तार से बढ़ाना है।
RAM सेगमेंट पर भरोसा
बैंक की इस ग्रोथ का मुख्य आधार 'RAM' (रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME) सेगमेंट है। मौजूदा समय में बैंक के कुल एडवांस में इस हिस्सेदारी 86% है। बैंक का मानना है कि इस सेगमेंट में पकड़ मजबूत रहने से पोर्टफोलियो स्थिर और सुरक्षित रहेगा।
कॉरपोरेट लोन और NBFC एक्सपोजर पर लगाम
रिस्क को मैनेज करने के लिए बैंक ने एक सख्त नीति बनाई है। अब कॉरपोरेट लोन का एक्सपोजर कुल पोर्टफोलियो के 20% तक ही सीमित रखा जाएगा। साथ ही, NBFCs को दिए जाने वाले लोन में भी बड़ी कटौती की गई है, जो पहले 8% से ऊपर था और अब घटकर करीब 4% रह गया है।
गोल्ड लोन और फंडिंग चुनौतियां
बैंक के लिए गोल्ड लोन एक सुरक्षित ग्रोथ इंजन की तरह काम कर रहा है। हालांकि, डिपॉजिट कॉस्ट को मैनेज करना एक चुनौती बनी हुई है। फिलहाल बैंक की डिपॉजिट कॉस्ट लगभग 5.49% है। बैंक लिक्विडिटी बनाए रखने के लिए FCNR(B) इनफ्लो पर भरोसा कर रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
भले ही रणनीति सुरक्षित क्षेत्रों पर केंद्रित हो, लेकिन एग्रीकल्चर और MSME लोन की क्वालिटी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मौसम पर निर्भर करती है। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि क्या बैंक डिपॉजिट कॉस्ट को कंट्रोल करते हुए ग्रोथ के लक्ष्य को हासिल कर पाता है या नहीं।
