करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में अब तक का सबसे ज़्यादा ₹756 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **45%** ज़्यादा है। हालांकि, शानदार नतीजों के बावजूद, बैंक के शेयर आज BSE पर **2.7%** की गिरावट के साथ बंद हुए।
कैसे आया रिकॉर्ड मुनाफा?
बैंक के नतीजों के पीछे सबसे बड़ा हाथ नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) का रहा, जो 32% बढ़कर ₹1,423 करोड़ पर पहुंच गया। इसी के साथ, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) भी पिछले साल के 3.9% से सुधरकर 4.3% हो गया। ये दोनों ही आंकड़े बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) के लिए अहम माने जाते हैं।
बिज़नेस में भी जोरदार ग्रोथ
बैंक के कुल बिज़नेस में 16% की बढ़ोतरी देखी गई, जिससे यह ₹2,27,267 करोड़ तक पहुंच गया। बैंक के एडवांसेज (Advances) यानी दिए गए लोन 17% की ग्रोथ के साथ ₹1,04,680 करोड़ के पार निकल गए, जो ₹1 लाख करोड़ का बड़ा माइलस्टोन है। RAM सेगमेंट (रिटेल, एग्रीकल्चर, MSME) में भी 18% की ग्रोथ के साथ एडवांसेज ₹90,324 करोड़ रहे। इसमें खास तौर पर रिटेल ज्वैल लोन में 47% की शानदार बढ़त देखी गई, जो ₹6,252 करोड़ तक पहुंच गए।
शेयर में गिरावट क्यों?
इन मजबूत नंबरों के बावजूद, बैंक के शेयर BSE पर ₹301.35 पर बंद हुए, जो 2.7% की गिरावट दर्शाता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह गिरावट लोन पोर्टफोलियो के अलग-अलग हिस्सों में दिखी ग्रोथ में असमानता के कारण हो सकती है। जहां रिटेल और MSME लोन बढ़े, वहीं व्हीकल लोन (Vehicle Loans) में 21% की कमी दर्ज की गई। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर निवेशक आगे भी नज़र रखेंगे।
एसेट क्वालिटी पर एक नज़र
बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) यानी लोन की रिकवरी की स्थिति स्थिर बनी हुई है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPA) 0.74% पर रहे, जो पिछले साल के मुकाबले थोड़ा ज़्यादा है। वहीं, नेट NPA 0.19% पर स्थिर हैं। जैसे-जैसे बैंक अपना लोन बुक बढ़ा रहा है, इन बैड लोन्स को मैनेज करना एक अहम चुनौती होगी।
मैनेजमेंट का क्या कहना है?
बैंक के MD और CEO, रमेश बाबू बी, ने कहा कि यह नतीजे बैंक के अनुमानों के मुताबिक ही हैं। उन्होंने बताया कि बैंक ने इस तिमाही में ग्रोथ को फ्रंट-लोड करने की स्ट्रैटेजी अपनाई थी। आगे चलकर, निवेशक देखेंगे कि क्या बैंक अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन की इस गति को बनाए रख पाता है या नहीं, और क्या व्हीकल फाइनेंस जैसे गिरते लोन सेगमेंट में सुधार होता है।
