करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) ने पहली तिमाही (Q1FY27) में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक के एडवांसेज (Advances) ₹1 लाख करोड़ के पार निकल गए हैं, जो कि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **17.12%** ज्यादा हैं। कुल डिपॉजिट्स (Deposits) में भी **14.94%** का उछाल देखा गया है।
बैंक के बिजनेस में आई रिकॉर्ड तेजी
नई वित्तीय वर्ष की शुरुआत में करूर वैश्य बैंक (KVB) ने जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक का कुल बिजनेस 15.94% बढ़कर ₹2.27 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इस अवधि की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि बैंक के एडवांसेज पहली बार ₹1 लाख करोड़ का आंकड़ा पार कर गए। पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में इसमें 17.12% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
डिपॉजिट्स और CASA में भी बंपर ग्रोथ
लोन बांटने के अलावा, बैंक के डिपॉजिट्स (Deposits) में भी बढ़िया बढ़ोतरी हुई है। कुल डिपॉजिट्स 14.94% बढ़कर ₹1.23 लाख करोड़ पर पहुंच गए। निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि बैंक की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) बनाए रखने के लिए डिपॉजिट्स की क्वालिटी कैसी है। खास तौर पर, करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट (CASA) डिपॉजिट्स, जो बैंक के लिए कम लागत वाले फंड होते हैं, 15.26% बढ़कर ₹33,777 करोड़ हो गए। ऐसे में, एडवांसेज बढ़ाते हुए डिपॉजिट कॉस्ट को कंट्रोल में रखना बैंक के प्रॉफिट मार्जिन के लिए अहम होगा।
क्रेडिट रेटिंग्स का बूस्टर डोज
बैंक के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए, रेटिंग एजेंसी ICRA ने करूर वैश्य बैंक की इश्यूअर रेटिंग को 'ICRA AA (Stable)' और सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट प्रोग्राम रेटिंग को 'ICRA A1+' पर बरकरार रखा है। साथ ही, बैंक ने अपने सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट प्रोग्राम का साइज ₹10,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹12,000 करोड़ कर दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि बैंक अपने बढ़ते लोन बुक के लिए लिक्विडिटी (Liquidity) मैनेज करने की तैयारी में है। ये रेटिंग्स बैंक की क्रेडिट योग्यता और मार्केट से फंड जुटाने की क्षमता को दर्शाती हैं।
मार्केट में बैंक की पोजीशन
लगभग ₹28,216 करोड़ के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalisation) वाली KVB के शेयर का 52-हफ्ते का लो ₹201.80 और हाई ₹343.55 रहा है। हालिया ट्रेडिंग सेशन में शेयर ₹291.90 पर बंद हुआ। पिछले नौ महीनों में बैंक के शेयर ने करीब 40% का रिटर्न दिया है, हालांकि यह अभी भी अपने सालाना हाई से करीब 15% नीचे चल रहा है। निवेशक अक्सर KVB जैसे मिड-साइज प्राइवेट बैंकों की तुलना उनके नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) और एसेट क्वालिटी (Asset Quality) जैसे मेट्रिक्स पर करते हैं। शेयरहोल्डर्स के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बैंक अपनी एसेट क्वालिटी या प्रॉफिटेबिलिटी से समझौता किए बिना इस रफ्तार से एडवांसेज बढ़ाना जारी रख पाता है या नहीं। आगे की अपडेट्स इस बात पर निर्भर करेंगी कि लोन ग्रोथ की यह तेजी अगले क्वार्टर में भी बनी रहती है या नहीं और बैंक फंड की कॉस्ट को कैसे मैनेज करता है।
