Karnataka Bank ने सितंबर 2026 तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट **36.6%** बढ़कर **₹435.89 करोड़** पहुंच गया है, जबकि कुल बिजनेस **₹2.07 लाख करोड़** के आंकड़े को पार कर गया है।
मुनाफे में क्यों आई तेजी?
फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही में बैंक ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। पिछले साल की समान अवधि के ₹319.12 करोड़ के मुकाबले, इस बार मुनाफा 36.6% उछलकर ₹435.89 करोड़ हो गया है। इस वित्त वर्ष की पहली छमाही में बैंक का कुल प्रॉफिट ₹854.84 करोड़ रहा है, जो सालाना आधार पर 40% की ग्रोथ दिखाता है। बैंक की कुल इनकम इस तिमाही में ₹2,793.96 करोड़ रही है।
RAM सेगमेंट और मार्जिन का जलवा
बैंक की इस कामयाबी के पीछे RAM (रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME) सेगमेंट का बड़ा हाथ है। इस सेगमेंट में 19% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह पोर्टफोलियो ₹56,968.79 करोड़ तक पहुंच गया है। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.17% पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 45 बेसिस पॉइंट्स बेहतर है।
एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक के एसेट क्वालिटी आंकड़ों में भी काफी सुधार दिखा है। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 106 बेसिस पॉइंट्स घटकर 2.27% रह गए हैं, जबकि नेट NPA सुधरकर 0.74% हो गए हैं। यह बताता है कि बैंक लोन रिकवरी और अंडरराइटिंग में काफी सतर्कता बरत रहा है।
निवेश के लिहाज से क्या है रिस्क?
बैंक का ग्रॉस एडवांस 25% बढ़कर ₹92,015.26 करोड़ रहा, जबकि डिपॉजिट ग्रोथ केवल 12% (₹1.15 लाख करोड़) रही है। लोन की रफ्तार डिपॉजिट से कहीं ज्यादा तेज है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी। हालांकि, बैंक का CASA रेशियो थोड़ा सुधरकर 31.80% हो गया है, जो फंडिंग की लागत को नियंत्रित रखने में मदद करेगा। आने वाले समय में यह देखना होगा कि क्या बैंक डिपॉजिट दरों को बढ़ाए बिना इस लोन ग्रोथ को बनाए रख पाता है या नहीं।
