कर्नाटक बैंक के तिमाही नतीजों पर एक नज़र
कर्नाटक बैंक के Q3 FY26 (31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही) के वित्तीय नतीजे मिले-जुले रहे। बैंक ने ₹290.79 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले 9% कम है। हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही (YoY) के मुकाबले इसमें 2.53% की मामूली बढ़ोतरी देखी गई है।
प्रोविजन्स में भारी उछाल से प्रॉफिट पर असर
नेट प्रॉफिट में इस गिरावट की मुख्य वजह प्रोविजन्स (Provisions) यानी भविष्य के लिए की गई व्यवस्था में भारी वृद्धि है। यह तिमाही-दर-तिमाही 372.65% बढ़कर ₹94.86 करोड़ पर पहुंच गई, जिसने बैंक की मुनाफावसूली पर सीधा असर डाला।
NIM में सुधार, पर लक्ष्य अभी दूर
अच्छी खबर यह है कि बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार हुआ है। यह 20 बेसिस पॉइंट्स (bps) बढ़कर 2.92% हो गया है, जो पिछली तिमाही के 2.72% से बेहतर है। हालांकि, यह पिछले साल की समान तिमाही (Q3 FY25) के 3.02% से अभी भी कम है। बैंक का मैनेजमेंट NIM को वापस 3% के पार ले जाने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए लो-कॉस्ट सीएएसए (CASA) डिपॉजिट्स को बढ़ाने और महंगे बल्क डिपॉजिट्स पर निर्भरता कम करने पर जोर दिया जा रहा है। फिलहाल, कुल डिपॉजिट्स में सीएएसए (CASA) डिपॉजिट्स का हिस्सा 31.53% है, जो पिछली तिमाही में 31.01% था।
लोन और डिपॉजिट्स में बढ़ोतरी
कुल एडवांसेज़ (Gross Advances) यानी दिए गए लोन में 5% की तिमाही बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹77,283.85 करोड़ हो गए हैं। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से रिटेल, एग्री और एमएसएमई (RAM) सेगमेंट से आई है। कुल डिपॉजिट्स में भी 1.3% का इजाफा हुआ है और यह ₹1,04,111.52 करोड़ तक पहुंच गए हैं। बैंक का क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो सुधरकर 74.23% हो गया है।
एसेट क्वालिटी पर मिली-जुली तस्वीर
एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर तस्वीर मिली-जुली रही। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) साल-दर-साल (YoY) आधार पर थोड़ा बढ़कर 3.32% (यानी ₹2,565.31 करोड़) हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 3.11% था। हालांकि, यह पिछली तिमाही (Q2 FY26) के 3.33% से मामूली कम है। नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NNPA) में साल-दर-साल सुधार हुआ है और यह 1.31% (यानी ₹994.70 करोड़) पर आ गया है, जबकि पिछली तिमाही में यह 1.35% था। प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) 61.23% पर पहुंच गया है।
कॉस्ट-टू-इनकम पर फोकस
बैंक का कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो (Cost-to-Income Ratio) 58.72% पर बना हुआ है। मैनेजमेंट का लक्ष्य है कि इसे आने वाले क्वार्टरों में घटाकर 55-56% तक लाया जाए।
पिछला प्रदर्शन और रेगुलेटरी मसले
कर्नाटक बैंक का पिछला प्रदर्शन भी कुछ चुनौतीपूर्ण रहा है। FY25 में बैंक का फुल-ईयर नेट प्रॉफिट ₹1,272.37 करोड़ था, जो पिछले साल से 2.60% कम था। Q2 FY26 में भी नेट प्रॉफिट में 5.04% की साल-दर-साल गिरावट आई थी। बैंक अतीत में रेगुलेटरी मुश्किलों का सामना भी कर चुका है। मई 2024 में, RBI ने डिपॉजिट इंटरेस्ट रेट नियमों के उल्लंघन के लिए ₹59.10 लाख का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, बैंक का इतिहास कुछ बड़े फ्रॉड मामलों से भी जुड़ा रहा है, जैसे 2018 में Gitanjali Gems से जुड़ा ₹86.5 करोड़ का फ्रॉड और 2021 में IL&FS से जुड़ा ₹34.16 करोड़ का मामला।
आगे की राह और लक्ष्य
आगे चलकर, कर्नाटक बैंक रिटेल और एमएसएमई पोर्टफोलियो को मजबूत करने, फंड की लागत को कम करने और एसेट क्वालिटी को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। बैंक का लक्ष्य FY26 के अंत तक ₹85,000 करोड़ का लोन बुक तैयार करना है और CD रेशियो को 76%-80% के बीच रखना है। साथ ही, 2028 तक ROA (Return on Assets) को 1.1%-1.3% तक लाने की योजना है।
प्रतिस्पर्धियों से तुलना
अन्य बड़े बैंकों की तुलना में, कर्नाटक बैंक का NIM ( 2.92%) अभी भी HDFC Bank ( 3.35%), ICICI Bank ( 4.30%) और SBI ( 3.12%) जैसे साथियों से थोड़ा कम है। वहीं, GNPA ( 3.32%) भी कई टॉप बैंकों के 2.5% से नीचे के बेंचमार्क से ऊपर है, जो दर्शाता है कि बैंक को मार्जिन और एसेट क्वालिटी सुधारने के लिए अभी और मेहनत करनी होगी।