Karnataka Bank अब निवेशकों को Capital Gains Account Scheme (CGAS) के जरिए टैक्स-फ्री निवेश की सुविधा दे रहा है। बैंक की कोशिश है कि इसके जरिए अपनी डिपॉजिट बेस को मजबूत किया जाए, खासकर तब जब बैंक ने हाल ही में **₹2 लाख करोड़** के बिजनेस का बड़ा माइलस्टोन पार किया है।
टैक्स प्लानिंग में मददगार यह सर्विस
बैंक की यह सुविधा उन निवेशकों के लिए बेहद खास है जिन्होंने अपनी प्रॉपर्टी या एसेट्स बेचे हैं और टैक्स छूट पाने के लिए दोबारा निवेश की योजना बना रहे हैं। CGAS के जरिए ग्राहक अपने फंड को सुरक्षित तरीके से पार्क कर सकते हैं और आयकर अधिनियम के तहत अपनी टैक्स लायबिलिटी को मैनेज कर सकते हैं। यह कदम बैंक की उस रणनीति का हिस्सा है जिससे वे अपने पास 'स्टिकी डिपॉजिट्स' (लंबे समय तक रहने वाली जमा राशि) बढ़ा सकें, जो नेट इंटरेस्ट मार्जिन को स्थिर रखने में मददगार साबित होता है।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
बैंक का बिजनेस फिलहाल काफी तेजी से बढ़ रहा है। 31 जुलाई 2026 तक बैंक ने कुल बिजनेस वॉल्यूम में ₹2 लाख करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में बैंक ने ₹418.95 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि इनका नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.20% पर मजबूती से बना हुआ है।
शेयर बाजार में भी इसका असर दिख रहा है। 28 अगस्त 2026 तक शेयर ₹327 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जबकि हाल ही में इसने ₹341 का अपना 52-वीक हाई भी छुआ है।
रिस्क और चुनौतियां
हालांकि ग्रोथ की रफ्तार अच्छी है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। बड़े प्राइवेट बैंकों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच डिजिटल इंटरफेस को और बेहतर बनाना बैंक के लिए जरूरी है। इसके अलावा, बैंक का बड़ा एक्सपोजर MSME और रिटेल सेक्टर में है। ऐसे में एसेट क्वालिटी और बैड लोंस (NPA) को कंट्रोल में रखना मैनेजमेंट के लिए भविष्य में एक अहम परीक्षा होगी।
