Jio Platforms ने $137 बिलियन की भारी-भरकम वैल्यूएशन के साथ मार्केट में कदम रखा है। 533 मिलियन सब्सक्राइबर्स वाली इस कंपनी के सामने अब चुनौती अपने प्रीमियम वैल्यूएशन और $15.5 बिलियन के रेवेन्यू के बीच के फासले को पाटने की है।
वैल्यूएशन और एफिशिएंसी का गैप
Jio Platforms की मार्केट वैल्यू अब AT&T और Deutsche Telekom जैसी दिग्गज ग्लोबल टेलीकॉम कंपनियों के बराबर हो गई है। हालांकि, निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि कंपनी का रेवेन्यू उसके मार्केट कैप के मुकाबले काफी कम यानी $15.5 बिलियन है। रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड (ROCE) के मोर्चे पर भी Jio पिछड़ती दिख रही है, जहां कंपनी का ROCE 10.8% है, वहीं मुख्य प्रतिद्वंद्वी Bharti Airtel 19% के साथ कहीं आगे है।
ARPU और टैरिफ की मार
कंपनी की कमाई का सबसे अहम पैमाना ARPU (Average Revenue Per User) है। फिलहाल Jio का ARPU ₹215.6 है, जो Bharti Airtel के ₹264 से कम है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस गैप को भरने के लिए आने वाले महीनों में 12-15% तक टैरिफ बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। कंपनी के सामने बड़ी चुनौती यह है कि वह बिना सब्सक्राइबर्स की ग्रोथ को प्रभावित किए कीमतों में इजाफा कैसे करेगी।
डिजिटल इकोसिस्टम की ओर बड़ा दांव
Jio अब सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं रहना चाहती। मैनेजमेंट का पूरा जोर अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और स्पेस-बेस्ड कम्युनिकेशन सर्विसेज पर है। कंपनी का मकसद ऐसे सेक्टर्स में वैल्यू कैप्चर करना है, जहां डिजिटल अडॉप्शन अभी भी काफी कम है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ये नए डिजिटल बिजनेस लाइन्स कंपनी के रेवेन्यू मिक्स में बड़ा योगदान दे पाएंगे या नहीं।
