Jio Platforms: धमाकेदार एंट्री पर **27%** का उछाल, निवेशकों ने उधार लेकर लगाए **₹2,228 करोड़**

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Jio Platforms: धमाकेदार एंट्री पर **27%** का उछाल, निवेशकों ने उधार लेकर लगाए **₹2,228 करोड़**

Jio Platforms की मार्केट में जोरदार एंट्री हुई है। पहले ही दिन शेयर **26.7%** उछल गया, जिसे सपोर्ट मिला है **₹2,228 करोड़** के मार्जिन फंडिंग का। हालांकि, उधार के पैसों पर दांव लगाना जोखिम भरा हो सकता है।

बाजार में धाकड़ डेब्यू

Jio Platforms ने शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की है। ट्रेडिंग के पहले ही दिन कंपनी का शेयर 26.7% तक चढ़ गया। इस तेजी के पीछे बड़ा हाथ रिटेल निवेशकों का है, जिन्होंने 'मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी' (MTF) के जरिए ₹2,228 करोड़ का कर्ज लेकर शेयर खरीदे। इस भारी उधार के चलते यह स्टॉक अब भारतीय मार्केट की मार्जिन ट्रेडिंग बुक में HDFC Bank, Reliance Industries और BSE Ltd के बाद चौथी सबसे बड़ी पोजीशन बन गया है।

मार्जिन ट्रेडिंग के रिस्क को समझें

मार्जिन ट्रेडिंग आपको अपनी जेब में मौजूद कैश से ज्यादा शेयर खरीदने की सुविधा देता है, लेकिन यह सिक्के का दूसरा पहलू भी है। इस कर्ज पर आपको 9% से 18% तक का सालाना ब्याज देना पड़ता है। सबसे बड़ा रिस्क तब आता है जब स्टॉक का भाव गिरता है। ऐसे में ब्रोकर 'मार्जिन कॉल' कर सकते हैं, यानी आपको या तो और पैसा डालना होगा या घाटे में शेयर बेचने होंगे।

मार्केट ट्रेंड के विपरीत दांव

दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ पूरा बाजार मार्जिन फंडिंग को कम कर रहा है, वहीं Jio में भारी खरीदारी देखी गई। सितंबर के आखिर में मार्केट में मार्जिन फंडिंग ₹1.59 ट्रिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर थी, जो 28 अक्टूबर तक घटकर ₹1.51 ट्रिलियन रह गई। इसके बावजूद, Jio के प्रति निवेशकों का उत्साह यह दिखाता है कि वे ब्याज की लागत से ज्यादा कंपनी के भविष्य पर भरोसा जता रहे हैं।

लिक्विडिटी और रेगुलेटरी स्टेटस

स्टॉक को NSE पर 'ग्रुप 1' और BSE पर 'ग्रुप ए' सिक्योरिटी का दर्जा मिलने के कारण इसे पहले ही दिन से मार्जिन फंडिंग के लिए योग्य माना गया। हालांकि $137 बिलियन के मार्केट कैप के सामने ₹2,228 करोड़ का आंकड़ा छोटा लग सकता है, लेकिन किसी नए स्टॉक पर इतनी जल्दी इतना बड़ा उधार का पैसा जुटना अपने आप में बड़ी बात है। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या यह तेजी बरकरार रहेगी या गिरावट आने पर मार्जिन फंडिंग का बोझ बिकवाली का दबाव बढ़ाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.