Jio Financial Services ने अपनी सालाना आम बैठक (AGM) में AI आधारित 'पर्सनल CFO' फीचर और रिवार्ड्स प्रोग्राम लॉन्च किया है। कंपनी का लक्ष्य अपने **2.5 करोड़** यूजर्स के बीच एंगेजमेंट बढ़ाना है, जबकि निवेशक कंपनी की लेंडिंग ग्रोथ और मार्केट कॉम्पिटिशन पर नजर बनाए हुए हैं।
ऐप को बनाया जा रहा है फाइनेंशियल हब
Jio Financial Services अब अपने JioFinance ऐप को महज एक ट्रांजैक्शनल प्लेटफॉर्म से बदलकर एक कंप्लीट फाइनेंशियल हब बनाने की तैयारी में है। 26 अगस्त, 2026 को हुई AGM में कंपनी ने बताया कि नया AI टूल यूजर्स को उनकी 'फाइनेंशियल फिटनेस स्कोर' के आधार पर सही सलाह और प्रोडक्ट्स रिकमेंड करेगा। वहीं, रिवार्ड्स प्रोग्राम के जरिए यूजर्स को ऐप का बार-बार इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
डिजिटल इकोसिस्टम पर फोकस
MD हितेश सेठिया के नेतृत्व में कंपनी लैंडिंग, इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स को क्रॉस-सेल करने पर जोर दे रही है। कंपनी का दावा है कि वह बिना किसी बड़े 'कैश-बर्न' के अपना इकोसिस्टम बना रही है। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी की शेयरहोल्डर्स इक्विटी ₹1.34 लाख करोड़ के मजबूत स्तर पर थी, जो इसकी विस्तार योजनाओं को फंड कर रही है।
मजबूत आंकड़े और भविष्य की राह
कंपनी के कारोबार में तेजी दिख रही है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में इसकी लेंडिंग सब्सिडियरी, Jio Credit Limited की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹30,667 करोड़ रही। इसके अलावा, Jio Payments Bank के डिपॉजिट में पिछले साल के मुकाबले 72% का उछाल आया है, जो अब ₹617 करोड़ तक पहुंच गया है।
चुनौतियां और कॉम्पिटिशन
हालांकि कंपनी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में NBFCs और फिनटेक कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जिससे भविष्य में नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। साथ ही, अनसिक्योर्ड रिटेल लोन के मामले में लोन क्वालिटी बनाए रखना भी एक चुनौती है। फिलहाल शेयर ₹241–244 के दायरे में ट्रेड कर रहे हैं, और निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि कंपनी अपने डिजिटल बेस को कितनी कुशलता से एक्टिव फाइनेंशियल ग्राहकों में बदल पाती है।
