Jio Financial Services ने अगले 12 महीनों में अपने यूजर बेस को मौजूदा **2.5 करोड़** से बढ़ाकर **10 करोड़** करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। कंपनी अब BlackRock और Allianz के साथ साझेदारी और क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सर्विस के जरिए मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
आक्रामक विस्तार की तैयारी
Global Fintech Fest 2026 में कंपनी के CEO हितेश सेठिया ने ऐलान किया कि कंपनी लेंडिंग, इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स में अपनी पैठ गहरी करेगी। BlackRock के साथ मिलकर ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म और Allianz के साथ मिलकर इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स तैयार करना इस स्ट्रैटेजी का मुख्य हिस्सा है।
नया पेमेंट लाइसेंस
कंपनी की सब्सिडियरी, Jio Payment Solutions को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट एग्रीगेटर के तौर पर काम करने की अनुमति मिल गई है। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन आसान हो जाएंगे, जिससे कंपनी B2B मार्केट में एक बड़ी हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश में है।
मुनाफे पर दबाव, रेवेन्यू में उछाल
FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। जहां नेट सेल्स में 106.49% का जबरदस्त उछाल आया है, वहीं नेट प्रॉफिट 13.88% घटकर ₹272.22 करोड़ रह गया है। यह साफ दिखाता है कि कंपनी फिलहाल नए कस्टमर्स को जोड़ने और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भारी खर्च कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है चुनौती?
बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी के वैल्युएशन काफी प्रीमियम हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि मैनेजमेंट कब तक खर्चों को कंट्रोल करके इसे सीधे बॉटम-लाइन मुनाफे में बदल पाता है। भारतीय फाइनेंशियल सेक्टर में तगड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, ब्रोकिंग और इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म का सफल रोलआउट कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
