Jio Financial Services ने अपनी लेंडिंग आर्म 'Jio Credit' को रफ्तार देने के लिए Bank of America के साथ **₹18,268 करोड़** की बड़ी पार्टनरशिप की घोषणा की है। इस डील का लक्ष्य कंपनी के एसेट्स को **5 गुना** बढ़ाकर **₹1.5 लाख करोड़** तक ले जाना है।
भारी निवेश से बदलेगी तस्वीर
Jio Financial Services ने अपने लेंडिंग बिजनेस को नई ऊंचाई देने के लिए Bank of America के साथ एक एग्रीमेंट किया है। कंपनी अपनी सब्सिडियरी Jio Credit Limited में ₹18,268 करोड़ का कैपिटल इन्फ्यूजन करेगी। यह डील दिसंबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है, हालांकि इसके लिए Reserve Bank of India और Competition Commission of India से जरूरी मंजूरी मिलना बाकी है।
अगस्त 2026 में साइन हुई इस डील के तहत, Bank of America Jio Credit में 49.9% तक की हिस्सेदारी ले सकता है। शुरुआत में बैंक के पास 26.5% स्टेक होगा, जिसे बाद में वारंट्स के जरिए बढ़ाया जाएगा। जून 2026 तिमाही तक Jio Credit का एसेट बुक ₹30,667 करोड़ का था, जिसे अब कंपनी ₹1.5 लाख करोड़ के लक्ष्य तक ले जाना चाहती है।
शहर दर शहर विस्तार की रणनीति
कंपनी अपनी मौजूदगी को देशभर में फैलाने के बजाय भारत के 20 बड़े शहरों पर फोकस करेगी। इस नई पार्टनरशिप के बाद Jio Credit का बोर्ड भी बदला जाएगा, जिसमें दोनों कंपनियों की बराबर हिस्सेदारी होगी। Bank of America का ग्लोबल रिस्क मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी का अनुभव अब Jio Credit के कामकाज में दिखेगा।
निवेशकों के लिए रिस्क और मॉनिटरेबल्स
हालांकि यह डील फंडामेंटली बहुत मजबूत दिखती है, लेकिन इसके सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। पूरी रणनीति रेगुलेटरी अप्रूवल पर टिकी है, और किसी भी तरह की देरी से टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, कंपनी को प्रतिस्पर्धी अर्बन मार्केट में एसेट क्वालिटी बनाए रखते हुए अपने पोर्टफोलियो को 5 गुना बढ़ाना होगा। 11 सितंबर 2026 को कंपनी का शेयर ₹229.90 के आसपास ट्रेड कर रहा था, और निवेशकों को अब रेगुलेटरी अपडेट्स पर पैनी नजर रखनी होगी।
