Jio Financial Services के Q2 नतीजों में नेट प्रॉफिट **51%** गिरकर **₹340.44 करोड़** पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह बढ़ते ऑपरेटिंग खर्चे और Reliance Industries से मिलने वाले डिविडेंड का न होना है, लेकिन कंपनी का लेंडिंग और पेमेंट्स बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है।
मुनाफे में गिरावट की असल वजह
Q2 FY27 में Jio Financial Services का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹695 करोड़ से घटकर ₹340.44 करोड़ रह गया है। कंपनी अब एक इन्वेस्टमेंट-फोक्स्ड फर्म से बदलकर एक ऑपरेशनल फाइनेंशियल सर्विस बिजनेस बनने की ओर अग्रसर है। इस बदलाव के चलते ऑपरेटिंग खर्चे बढ़कर ₹1,166 करोड़ हो गए हैं, जिसने मुनाफे पर दबाव डाला है।
ऑपरेशंस में जबरदस्त तेजी
मुनाफे में कमी के बावजूद, कंपनी के कामकाज में मजबूती दिख रही है:
- Jio Credit: कंपनी की NBFC शाखा के ग्रॉस एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 154% बढ़कर ₹37,320 करोड़ पर पहुंच गए हैं।
- लोन डिस्बर्समेंट: लोन वितरण लगभग दोगुना होकर ₹13,135 करोड़ हो गया है, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम में 116% का उछाल देखा गया है जो अब ₹302 करोड़ है।
- पेमेंट्स बिजनेस: Jio Payments Bank की इनकम 213% बढ़ी है और CASA कस्टमर बेस 38% बढ़कर 40 लाख के पार निकल गया है।
रणनीतिक पार्टनरशिप और भविष्य की राह
कंपनी अपनी सेवाओं को विस्तार देने के लिए बड़े दिग्गजों के साथ हाथ मिला रही है। Jio Financial ने Bank of America के साथ Jio Credit में 49.9% हिस्सेदारी के लिए समझौता किया है। इसके अलावा, एसेट मैनेजमेंट के लिए BlackRock और इंश्योरेंस के लिए Allianz Group के साथ कोलैबोरेशन जारी है। CEO हितेश सेठिया के अनुसार, इन ग्लोबल पार्टनरशिप्स का लक्ष्य Jio के डिजिटल इकोसिस्टम के जरिए सर्विस को आम जनता तक पहुँचाना है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या कंपनी का बढ़ता ऑपरेशनल खर्च भविष्य में सस्टेनेबल प्रॉफिट में बदल पाता है या नहीं।
