Jio Financial Services ने वॉरंट को **25 करोड़** इक्विटी शेयरों में बदलकर प्रमोटर होल्डिंग को **50.98%** तक पहुंचा दिया है। इससे कंपनी की कुल पेड-अप कैपिटल बढ़कर **₹6,853.14 करोड़** हो गई है।
प्रमोटर्स ने बढ़ाया भरोसा
कंपनी ने अपने बकाया वॉरंट्स को इक्विटी शेयरों में बदलने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस अलॉटमेंट के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की दो प्रमुख कंपनियों—Sikka Ports & Terminals और Jamnagar Utilities & Power को 25 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं। यह ट्रांजैक्शन ₹316.50 प्रति शेयर की कीमत पर हुआ है, जिसमें ₹10 की फेस वैल्यू और ₹306.50 का प्रीमियम शामिल है। इस कदम के बाद कंपनी की कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल बढ़कर ₹6,853.14 करोड़ हो गई है, जो अब 685.31 करोड़ शेयरों में विभाजित है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
शेयरों की संख्या बढ़ने से बाजार में 'इक्विटी डाइल्यूशन' की चर्चा शुरू हो गई है। जब नए शेयर जारी किए जाते हैं, तो भविष्य का मुनाफा ज्यादा शेयरों में बंट जाता है, जिससे अर्निंग पर शेयर (EPS) पर दबाव बन सकता है। हालांकि, प्रमोटर्स द्वारा इस स्तर पर हिस्सेदारी बढ़ाना कंपनी के लॉन्ग-टर्म विजन और बिजनेस प्लान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्या है आगे का रोडमैप?
Jio Financial Services फिलहाल एक NBFC के तौर पर अपने पैर पसार रही है। कंपनी कंज्यूमर लेंडिंग, डिजिटल पेमेंट्स और इंश्योरेंस ब्रोकरेज जैसे क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि मैनेजमेंट इस बढ़ी हुई पूंजी का इस्तेमाल कितनी कुशलता से रिटर्न जेनरेट करने में करता है। लोन बुक का साइज, नेट इंटरेस्ट मार्जिन और एसेट मैनेजमेंट जैसे नए वेंचर्स की प्रगति आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन की दिशा तय करेगी।
