वैल्यूएशन में दिख रही है चमक, पर जोखिम भी बरकरार
Jefferies के एनालिस्ट्स का कहना है कि भारतीय बैंकों के वैल्यूएशन कोविड-19 के दौर के निचले स्तरों के करीब आ गए हैं। Nifty Bank इंडेक्स अभी फॉरवर्ड बुक वैल्यू के लगभग 1.4 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो सेक्टर को काफी आकर्षक बनाता है। उदाहरण के तौर पर, HDFC Bank का P/E लगभग 16.73-17.0 के आसपास है, ICICI Bank का 18.48, Axis Bank का 15.81-17.14, SBI का 10.73-13.3, और Kotak Mahindra Bank का 19.69-31.84 के बीच है। वहीं, सरकारी बैंकों जैसे Punjab National Bank (P/E 6.78-7.83) और Bank of Baroda (P/E 6.84-7.45) तो और भी कम वैल्यूएशन पर हैं, जबकि AU Small Finance Bank (P/E 25.6-31.74) और IDFC First Bank (P/E 31.57-36.53) जैसे छोटे बैंक मजबूत ग्रोथ की उम्मीदों के चलते ज्यादा P/E पर ट्रेड कर रहे हैं।
ग्लोबल फैक्टर डाल रहे हैं असर
हालांकि, यह सेक्टर कुछ बड़े ग्लोबल रिस्क का सामना कर रहा है। खासकर मध्य पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और लगातार जारी ग्लोबल महंगाई, बैंकिंग सेक्टर के प्रॉफिट पर असर डाल सकती है। Jefferies का मानना है कि इन वजहों से लोन ग्रोथ धीमी हो सकती है, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) सिकुड़ सकते हैं, ट्रेजरी गेंस कम हो सकते हैं और क्रेडिट कॉस्ट बढ़ सकती है। S&P Global Ratings का अनुमान है कि तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से भारत की आर्थिक ग्रोथ धीमी पड़ सकती है और इससे फाइनेंशियल ईयर 2027 तक कमजोर लोन (weak loans) बढ़कर 3.5% तक पहुंच सकते हैं।
गहरी चुनौतियां और एनालिस्ट्स का सतर्क रुख
इन आकर्षक वैल्यूएशन के बावजूद, कुछ और चुनौतियां भी हैं। Nifty Bank इंडेक्स भले ही फॉरवर्ड बुक वैल्यू के 1.4 गुना पर सस्ता दिख रहा हो, लेकिन सेक्टर के लगभग 21% एसेट्स (मार्च 2025 तक) सरकारी सिक्योरिटीज में लगे हैं, जिससे ब्याज दरें बढ़ने पर मार्क-टू-मार्केट (MTM) लॉस का खतरा है। भू-राजनीतिक अस्थिरता का असर भी अप्रत्याशित हो सकता है, जिससे कमोडिटी की कीमतें बढ़ सकती हैं और महंगाई व खराब लोन का खतरा बढ़ सकता है। एनालिस्ट्स ने कुछ 'बाय' रेटिंग वाले स्टॉक्स के भी टारगेट प्राइस घटाए हैं, जैसे HDFC Bank का टारगेट ₹1,240 से घटाकर ₹1,050 और Kotak Mahindra Bank का ₹530 से घटाकर ₹450 किया गया है। यह इस बात का संकेत है कि भविष्य की कमाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। IndusInd Bank का P/E -31.40 का निगेटिव आंकड़ा इसकी कमाई को लेकर खास जांच की ओर इशारा करता है।
Jefferies की टॉप पिक्स और आगे की राह
इन सबके बीच, Jefferies ने HDFC Bank, Axis Bank, SBI, ICICI Bank, और Kotak Mahindra Bank को अपना पसंदीदा स्टॉक (top picks) बताया है। उनका मानना है कि बड़े प्राइवेट बैंक अपनी मजबूती और डायवर्सिफाइड बिजनेस मॉडल के कारण भू-राजनीतिक प्रभावों से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं। भले ही टारगेट प्राइस में कटौती हुई हो, लेकिन सेक्टर की लॉन्ग-टर्म संभावनाओं पर फर्म का भरोसा बरकरार है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इस आकर्षक एंट्री पॉइंट को ग्लोबल टेंशन और महंगाई के दबावों के साथ तौलें, और समझें कि बैंकों की आगे की परफॉरमेंस क्रेडिट कॉस्ट मैनेजमेंट, NIMs को बनाए रखने और बाहरी झटकों से निपटने की उनकी क्षमता पर निर्भर करेगी।