Jana SFB के निवेशकों को बड़ा झटका! Q3 में **22.5%** लुढ़का मुनाफा, RoA भी फिसला
Overview
Jana Small Finance Bank (Jana SFB) के शेयरधारकों के लिए इस तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। बैंक ने Q3 FY26 के लिए **₹85.77 करोड़** का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान तिमाही के **₹110.66 करोड़** की तुलना में **22.5%** की भारी गिरावट को दर्शाता है। यह गिरावट तब आई है जब बैंक की इंटरेस्ट इनकम में बढ़त देखी गई।
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📉 मुनाफे पर बढ़ता दबाव
Jana Small Finance Bank (JSFB) ने Q3 FY26 के अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं, जिसमें मुनाफा कमाने में ज़बरदस्त चुनौती सामने आई है। बैंक ने तिमाही के लिए ₹96.94 करोड़ का नेट प्रॉफिट दिखाया है। हालांकि, इसमें प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग सर्टिफिकेट्स (PSLCs) के लिए अकाउंटिंग पॉलिसी में हुए बदलाव के कारण ₹11.17 करोड़ का एकमुश्त फायदा जुड़ा हुआ है।
अगर इस एकमुश्त फायदे को हटा दें, तो बैंक का एडजस्टेड नेट प्रॉफिट Q3 FY26 में घटकर ₹85.77 करोड़ रह गया, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही के ₹110.66 करोड़ से 22.5% कम है। नौ महीनों (9M FY26) की अवधि में भी एडजस्टेड नेट प्रॉफिट में 47.7% की बड़ी गिरावट आई है, जो ₹197.78 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹377.94 करोड़ था।
क्या रहे मुनाफे में गिरावट के कारण?
- बढ़ती ब्याज लागत: भले ही बैंक की इंटरेस्ट इनकम ₹1384.13 करोड़ (Q3 FY25 में ₹1177.41 करोड़) तक पहुंची, लेकिन ब्याज खर्च भी ₹709.36 करोड़ (Q3 FY25 में ₹584.83 करोड़) तक बढ़ गया।
- प्रोविजन्स में वृद्धि: अनिश्चितता और बढ़ते जोखिमों के चलते बैंक ने प्रोविजन्स और कंटीजेंसीज़ पर ₹27.68 करोड़ (Q3 FY25 में ₹17.37 करोड़) खर्च किए, जो सीधे मुनाफे को प्रभावित करते हैं।
- कर्मचारी लागत में इज़ाफ़ा: नए लेबर कोड्स के लागू होने से कर्मचारी लागत पर ₹11.89 करोड़ का अतिरिक्त बोझ पड़ा।
- एसेट्स पर रिटर्न में भारी गिरावट: बैंक का एनुअलाइज्ड रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) Q3 FY26 में गिरकर महज़ 0.09% रह गया, जो कि Q3 FY25 में 0.74% था। नौ महीनों के लिए RoA भी 0.62% रहा, जो पिछले साल के 1.30% से काफी कम है।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि मैनेजमेंट ने भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट गाइडेंस (Outlook) नहीं दिया है। एडजस्टेड प्रॉफिट और एसेट रिटर्न में लगातार गिरावट एक सतर्क तस्वीर पेश कर रही है।
ग्रॉस एनपीए (Gross NPAs) में मामूली कमी आई है और यह 2.59% पर है, लेकिन गिरता RoA और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) जो 19.17% (FY25 के अंत में 20.68%) तक आ गया है, यह संकेत देता है कि Jana Small Finance Bank को आने वाले समय में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।