मुनाफे में 91% की गिरावट, ₹10 करोड़ पर सिमटा प्रॉफिट
Jana Small Finance Bank के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY2025-26) के नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 91% घटकर महज ₹10 करोड़ रह गया। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह प्रोविजन्स (Provisions) और ऑपरेटिंग कॉस्ट्स (Operating Costs) में हुई भारी बढ़ोतरी बताई जा रही है। बैंक के ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेश्यो की बात करें तो यह 2.59% पर था।
24 मार्च को होगी खास मीटिंग
अपने इन नतीजों पर निवेशकों और एनालिस्ट्स को समझाने के लिए Jana Small Finance Bank ने 24 मार्च, 2026 को मुंबई में एक इन-पर्सन मीटिंग का आयोजन किया है। इस मीटिंग में MD & CEO समेत मैनेजमेंट टीम नतीजों की विस्तार से चर्चा करेगी। हालांकि, कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि इस मीटिंग में कोई भी अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (UPSI) शेयर नहीं की जाएगी।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव
नतीजों के अनुसार, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पिछले साल की 7.70% की तुलना में घटकर 6.60% पर आ गया है, जो प्रॉफिट पर दबाव का संकेत देता है। इन चुनौतियों के बावजूद, बैंक ने अपनी डिपॉजिट बुक में 30% की मजबूत सालाना ग्रोथ दर्ज की है और अपने खर्चों में भी कमी लाने में सफल रहा है।
रेगुलेटरी एक्शन और पीयर कंपेरिजन
यह भी याद रखना अहम है कि मई 2025 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Jana Small Finance Bank पर बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के नियमों का उल्लंघन करने पर ₹1 करोड़ का जुर्माना भी लगाया था। वहीं, इसके पीयर AU Small Finance Bank ने Q3 में ₹667.66 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। Jana SFB का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो 12.2x है, जो इसके पीयर के 13.5x से कम है, लेकिन इंडस्ट्री एवरेज 11.8x से थोड़ा महंगा माना जा रहा है।
निवेशकों की निगाहें
शेयरहोल्डर्स इस मीटिंग में बैंक के फाइनेंशियल परफॉरमेंस के पीछे के कारणों और भविष्य की रणनीतियों को समझने की उम्मीद कर रहे हैं। मैनेजमेंट से एसेट क्वालिटी, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और रिस्क मैनेजमेंट पर स्पष्टीकरण मिलने की भी उम्मीद है। साथ ही, यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस की दिशा में बैंक की प्रगति पर भी अपडेट मिल सकता है।