Jamie Dimon का भारत पर बड़ा बयान: Regulatory और Tax के पेंच से विदेशी निवेशक परेशान

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Jamie Dimon का भारत पर बड़ा बयान: Regulatory और Tax के पेंच से विदेशी निवेशक परेशान

JPMorgan Chase के CEO Jamie Dimon ने भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर तो सकारात्मक राय दी है, लेकिन साथ ही उन्होंने टैक्स और रेगुलेटरी बाधाओं को लेकर भी बड़ी चिंता जाहिर की है।

दुनिया के दिग्गज बैंक JPMorgan Chase के CEO Jamie Dimon ने भारतीय बाजार के भविष्य पर अपनी राय रखी है। उन्होंने माना कि भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी काफी मजबूत है, लेकिन विदेशी कंपनियों के लिए यहां काम करना अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।\n\n### टैक्स और रेगुलेशन का पेंच\n\nDimon के अनुसार, भारत में टैक्स को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। टैक्स एन्फोर्समेंट (Tax Enforcement) का तरीका कई बार काफी अनियमित होता है, जिससे कंपनियों के लिए लंबे समय के लिए प्लानिंग करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने बताया कि सरकारी एजेंसियों की लंबी असेसमेंट साइकिल के कारण विदेशी कंपनियां अपने संभावित रिटर्न (Returns) का सही अंदाजा नहीं लगा पातीं। यह अनिश्चितता भारत की ग्लोबल अपील को कम कर सकती है।\n\n### प्रतिस्पर्धा और रेगुलेटरी बैरियर्स\n\nसिर्फ टैक्स ही नहीं, बल्कि कॉम्पिटिटिव माहौल भी एक बड़ा मुद्दा है। Jamie Dimon का मानना है कि कई बार रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का इस्तेमाल घरेलू कंपनियों को बचाने के लिए किया जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पिछड़ जाती हैं। उनका कहना है कि अगर भारत को एक 'फ्रिक्शनलेस' (Frictionless) ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनना है, तो बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का होना बेहद जरूरी है।\n\n### सुधार की उम्मीद\n\nहालांकि, सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of doing business) के लिए कई कदम उठाए हैं और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) को टैक्स में राहत भी दी है, लेकिन जानकारों का मानना है कि अभी बहुत कुछ करना बाकी है। सिंगापुर या हांगकांग जैसे देशों की तर्ज पर कैपिटल गेन्स टैक्स (Capital Gains Tax) में सुधार भारत को निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बना सकता है। कुल मिलाकर, मार्केट की नजर अब आगे के पॉलिसी रिफॉर्म्स पर टिकी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.