JSW Energy और JSW Steel आने वाले अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही में बॉन्ड्स के जरिए कुल **₹2,850 करोड़** जुटाने की तैयारी में हैं। इसका मकसद कंपनी की क्षमता विस्तार परियोजनाओं को रफ्तार देना है।
बॉन्ड के जरिए जुटाई जाएगी पूंजी
JSW ग्रुप अपनी विस्तार योजनाओं के लिए कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट का रुख कर रहा है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में ये दोनों कंपनियां कुल ₹2,850 करोड़ के डेट इंस्ट्रूमेंट्स जारी करेंगी।
कंपनियों का अलग-अलग टारगेट
- JSW Energy Limited: कंपनी ₹1,500 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जिसकी मैच्योरिटी 5 साल तक होगी। कंपनी को 'India Ratings' से AA रेटिंग मिली हुई है।
- JSW Steel Limited: स्टील दिग्गज ₹1,350 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, जिसकी अवधि 3 से 4 साल रहने की उम्मीद है। ICRA और India Ratings दोनों ने इसे AA+ रेटिंग दी है। दिलचस्प बात यह है कि JSW Steel 2 साल से अधिक समय के बाद बॉन्ड मार्केट में वापसी कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
कंपनियां बैंक लोन के बजाय बॉन्ड के जरिए फंड जुटाकर अपनी फंडिंग को डाइवर्सिफाई करना चाहती हैं, ताकि ब्याज दरों को एक तय अवधि के लिए लॉक किया जा सके। हालांकि, बॉन्ड फाइनेंसिंग से कंपनियों पर कर्ज का बोझ बढ़ता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि ये कंपनियां अपने Debt-to-Equity Ratio को कैसे मैनेज करती हैं, क्योंकि इन भारी-भरकम प्रोजेक्ट्स के लिए कैश फ्लो का बने रहना बेहद जरूरी है। फिलहाल, पूरी नजरें बॉन्ड की अंतिम प्राइसिंग और ब्याज दरों पर टिकी हैं।
