JPMorgan का हाउसिंग फाइनेंस पर बड़ा फैसला! PNB Housing 'ओवरवेट', Bajaj Housing 'अंडरवेट', शेयर गिरे

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AuthorNeha Patil|Published at:
JPMorgan का हाउसिंग फाइनेंस पर बड़ा फैसला! PNB Housing 'ओवरवेट', Bajaj Housing 'अंडरवेट', शेयर गिरे
Overview

JP Morgan ने भारतीय हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर की प्रमुख कंपनियों पर अपनी कवरेज शुरू कर दी है, और इस दौरान उनकी राय बंटी हुई नजर आ रही है। PNB Housing Finance को 'ओवरवेट' रेटिंग मिली है, जिसे एक 'उचित मूल्य पर ग्रोथ' वाली टर्नअराउंड स्टोरी माना जा रहा है। वहीं, Bajaj Housing Finance को 'अंडरवेट' रेटिंग दी गई है, क्योंकि इसकी वैल्यूएशन (Valuation) काफी महंगी बताई गई है। LIC Housing Finance को 'न्यूट्रल' रेटिंग मिली है।

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JP Morgan ने भारतीय हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर की कंपनियों पर अपनी रिसर्च शुरू कर दी है, और इस कवरेज के साथ ही इन शेयरों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। ब्रोकरेज फर्म ने PNB Housing Finance Ltd. को 'ओवरवेट' रेटिंग दी है, जो कंपनी के लिए एक मजबूत टर्नअराउंड (Turnaround) की ओर इशारा करता है। JP Morgan का मानना है कि यह 'उचित मूल्य पर ग्रोथ' (Growth at a reasonable price) वाली कंपनी है। दूसरी ओर, Bajaj Housing Finance Ltd. को 'अंडरवेट' रेटिंग दी गई है, जिसमें कंपनी के महंगे वैल्यूएशन को लेकर चिंता जताई गई है। LIC Housing Finance Ltd. को 'न्यूट्रल' रेटिंग मिली है। इन अलग-अलग एनालिस्ट्स की राय के चलते सोमवार को इन कंपनियों के शेयर 3.5% तक गिर गए थे।

PNB Housing Finance: वापसी की राह पर?

PNB Housing Finance Ltd. को JP Morgan से 'ओवरवेट' रेटिंग मिली है, साथ ही ₹1,000 का टारगेट प्राइस दिया गया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी अपने टर्नअराउंड की शुरुआत में है और यहां से अच्छी ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी की वैल्यूएशन भी काफी आकर्षक लग रही है, जिसका P/E रेश्यो (Price-to-Earnings ratio) करीब 9.76 के आसपास है, जो इंडस्ट्री के औसत 19.6x से काफी कम है।

Bajaj Housing Finance: वैल्यूएशन का बोझ

इसके बिल्कुल उलट, Bajaj Housing Finance Ltd. को 'अंडरवेट' रेटिंग मिली है, जिसका टारगेट प्राइस ₹70 रखा गया है। JP Morgan के अनुसार, कंपनी के ऑपरेशनल परफॉरमेंस (Operational Performance) भले ही अच्छे हों, लेकिन इसका P/B रेश्यो (Price-to-Book ratio) 3.3 और P/E रेश्यो करीब 28.90 जैसी वैल्यूएशन काफी महंगी और टिकाऊ नहीं लगती। साथ ही, यह चिंता भी है कि अप्रैल 2026 में लॉक-इन पीरियड खत्म होने के बाद कंपनी के 25% शेयर बाजार में आ सकते हैं, जिससे दबाव और बढ़ सकता है।

LIC Housing Finance: मिला-जुला संकेत

LIC Housing Finance Ltd. को 'न्यूट्रल' रेटिंग मिली है और टारगेट प्राइस ₹580 है। JP Morgan को लगता है कि कंपनी मार्केट शेयर खो सकती है और उसके पास फिलहाल ग्रोथ के कोई बड़े कारण नहीं दिख रहे। हालांकि, इसकी कम वैल्यूएशन (TTM P/E रेश्यो करीब 5.33) को देखते हुए ज्यादा गिरावट की भी उम्मीद कम है।

सेक्टर के सामने चुनौतियां: धीमी ग्रोथ और कड़ी टक्कर

पूरे हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के लिए JP Morgan ने अगले 3 से 5 साल में मॉर्टगेज ग्रोथ 8% से 10% के बीच रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले 3 साल के 11% से कम है। इसके अलावा, पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSUs) से मिल रही कड़ी टक्कर के कारण कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर दबाव बढ़ रहा है। PSUs अब होम लोन मार्केट का करीब 50% हिस्सा कब्जा चुके हैं।

आगे का रास्ता: धीमी रफ्तार, कंपनियों की अलग-अलग चाल

JP Morgan के अनुमानों के मुताबिक, भारतीय हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में अगले 10-12% की सालाना ग्रोथ बनी रहेगी, लेकिन सभी कंपनियों की कहानी एक जैसी नहीं होगी। ऐसे में, अच्छी अंडरराइटिंग (Underwriting), बेहतर डिस्ट्रीब्यूशन (Distribution) और मार्केट शेयर बढ़ाने की क्षमता रखने वाली कंपनियों को फायदा होगा। फिलहाल, वैल्यूएशन में भारी अंतर यह दिखाता है कि मार्केट शायद ग्रोथ की संभावनाओं को लेकर ज्यादा कीमत चुका रहा है, जबकि जोखिमों और कड़ी प्रतिस्पर्धा को पूरी तरह से नहीं आंक रहा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.